पुरी बीच पर सुदर्शन पटनायक की सैंड आर्ट: वन्यजीव संरक्षण का अनूठा संदेश


के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा  2025-03-04 21:24:32



 

वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए विश्व वन्यजीव दिवस पर पुरी बीच एक विशेष आकर्षण का केंद्र बना, जहां सैंड आर्टिस्ट सुदर्शन पटनायक ने अपनी कला के माध्यम से एक महत्वपूर्ण संदेश दिया।

सुदर्शन पटनायक: रेत के जादूगर

सुदर्शन पटनायक, ओडिशा के पुरी शहर के निवासी, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध सैंड आर्टिस्ट हैं। उन्होंने अपनी रेत कला के माध्यम से सामाजिक और पर्यावरणीय मुद्दों पर जागरूकता फैलाने का कार्य किया है। उनकी कला में नवीनता और संदेश की गहराई के कारण उन्हें कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है।

विश्व वन्यजीव दिवस: एक महत्वपूर्ण अवसर

हर वर्ष 3 मार्च को विश्व वन्यजीव दिवस मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य वन्यजीवों और उनके आवासों के संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। इस वर्ष की थीम 'वन्यजीव संरक्षण के लिए साझेदारी' थी, जो संयुक्त प्रयासों की आवश्यकता को रेखांकित करती है।

रेत पर सजी वन्यजीव संरक्षण की कहानी

पटनायक ने पुरी बीच पर अपनी सैंड आर्ट में विभिन्न वन्यजीवों को दर्शाया, जिसमें एक बाघ, हाथी और समुद्री कछुए शामिल थे। उन्होंने अपनी कला के माध्यम से यह संदेश दिया कि वन्यजीव संरक्षण के बिना हमारी पृथ्वी अधूरी है। उनकी इस कृति ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों का ध्यान आकर्षित किया और वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

सुदर्शन पटनायक का संदेश

पटनायक ने कहा, "मेरी इस रेत कला का उद्देश्य लोगों को वन्यजीव संरक्षण के महत्व के प्रति जागरूक करना है। हम सभी को मिलकर अपने वन्यजीवों और उनके आवासों की रक्षा करनी चाहिए, ताकि हमारी आने वाली पीढ़ियां भी उनकी सुंदरता का आनंद ले सकें।"

स्थानीय समुदाय की प्रतिक्रिया

स्थानीय लोगों और पर्यटकों ने पटनायक की इस पहल की सराहना की। एक पर्यटक ने कहा, "सुदर्शन जी की कला हमेशा समाज को एक संदेश देती है। उनकी यह कृति वन्यजीव संरक्षण के प्रति हमारी जिम्मेदारी को याद दिलाती है।"

कला के माध्यम से जागरूकता की पहल

सुदर्शन पटनायक की यह सैंड आर्ट हमें यह सिखाती है कि कला के माध्यम से हम समाज में महत्वपूर्ण मुद्दों पर जागरूकता फैला सकते हैं। उनकी यह पहल वन्यजीव संरक्षण के प्रति हमारे कर्तव्यों की याद दिलाती है और हमें प्रेरित करती है कि हम सभी मिलकर अपने पर्यावरण और वन्यजीवों की रक्षा के लिए कदम उठाएं।


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