छात्र राजनीति का उबाल: मिदनापुर कॉलेज में SFI और TMCP के बीच टकराव, कई छात्र घायल
के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा 2025-03-04 21:20:49

पश्चिम बंगाल के पश्चिम मिदनापुर जिले में स्थित मिदनापुर कॉलेज में हाल ही में एक गंभीर घटना घटी, जहां दो प्रमुख छात्र संगठनों, स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) और तृणमूल छात्र परिषद (TMCP) के सदस्यों के बीच हिंसक झड़प हुई। यह घटना राज्यव्यापी शैक्षणिक हड़ताल के दौरान हुई, जिससे कॉलेज परिसर में तनाव का माहौल बन गया।
घटना का विवरण:
मिदनापुर कॉलेज में SFI और TMCP के समर्थकों के बीच यह झड़प उस समय हुई जब राज्यभर में शैक्षणिक हड़ताल चल रही थी। दोनों पक्षों के बीच बहस बढ़ते-बढ़ते हिंसक रूप ले गई, जिसमें कई सदस्य घायल हो गए। TMCP के सदस्यों पर आरोप है कि उन्होंने SFI समर्थकों को परेशान किया, जिससे स्थिति और बिगड़ गई।
घायलों की स्थिति:
इस संघर्ष में दोनों पक्षों के कई सदस्य घायल हुए हैं। घायलों को तुरंत स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है
पुलिस की प्रतिक्रिया:
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने दोनों पक्षों के सदस्यों से पूछताछ की और मामले की जांच शुरू कर दी है। कॉलेज परिसर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं:
इस घटना पर राजनीतिक दलों ने तीखी प्रतिक्रियाएं दी हैं। विपक्षी दलों ने राज्य सरकार और TMCP पर आरोप लगाया है कि वे छात्र राजनीति में हिंसा को बढ़ावा दे रहे हैं। वहीं, सत्तारूढ़ दल ने SFI पर उकसावे का आरोप लगाया है।
कॉलेज प्रशासन की प्रतिक्रिया:
कॉलेज प्रशासन ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है और कहा है कि वे ऐसी घटनाओं को बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने सभी छात्र संगठनों से शांति बनाए रखने और संवाद के माध्यम से समस्याओं का समाधान करने की अपील की है।
छात्र संगठनों के बयान:
SFI: SFI ने TMCP पर आरोप लगाया है कि उन्होंने शांतिपूर्ण हड़ताल के दौरान उनके सदस्यों पर हमला किया। उन्होंने न्याय की मांग की है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
TMCP: TMCP ने इन आरोपों को खारिज किया है और कहा है कि SFI ने पहले उकसाया, जिससे यह घटना घटी। उन्होंने भी निष्पक्ष जांच की मांग की है।
मिदनापुर कॉलेज में हुई यह घटना छात्र राजनीति में बढ़ती हिंसा की ओर इशारा करती है। यह आवश्यक है कि सभी पक्ष संयम बरतें और संवाद के माध्यम से समस्याओं का समाधान करें ताकि शैक्षणिक संस्थानों में शांति और सौहार्द बना रहे।