फर्जी सरकारी पोर्टल बनाकर करोड़ों की ठगी, मुख्य आरोपी गिरफ्तार
के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा 2025-03-04 20:54:43

पंजाब पुलिस के साइबर क्राइम प्रभाग ने अवैध खनन के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए गौरव कुमार नामक मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। गौरव कुमार पर पंजाब सरकार के खनन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट की नकल कर नकली पोर्टल बनाने और फर्जी खनन परमिट जारी करने का आरोप है। इस साइबर ठगी के जरिए राज्य सरकार को 40-50 लाख रुपये का भारी वित्तीय नुकसान हुआ है।
पंजाब पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि इस साइबर अपराधी ने 2000 से अधिक फर्जी रसीदें QR कोड और बारकोड का उपयोग कर बनाई थीं, जिससे सुरक्षा जांच को धोखा दिया जा सके।
कैसे हुआ बड़ा साइबर घोटाला?
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि गौरव कुमार ने एक खनन व्यवसायी के साथ मिलकर पंजाब सरकार के खनन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट की हूबहू नकल तैयार की थी। इस नकली वेबसाइट के माध्यम से उसने अवैध खनन के लिए परमिट जारी किए, जिससे राज्य सरकार को करोड़ों का नुकसान हुआ।
मास्टरमाइंड की कार्यप्रणाली:
♦फर्जी सरकारी पोर्टल बनाकर ठगी
♦नकली परमिट तैयार करने के लिए QR/बारकोड का इस्तेमाल
♦अवैध खनन में संलिप्त वाहनों की आवाजाही को वैध दिखाने की साजिश
♦डिजिटल सुरक्षा को चकमा देने के लिए अत्याधुनिक तकनीकों का प्रयोग
पंजाब पुलिस की कार्रवाई और बरामदगी
गौरव कुमार की गिरफ्तारी के बाद, पुलिस ने इस घोटाले से जुड़े कई डिजिटल साक्ष्य बरामद किए, जिनमें शामिल हैं:
♦नकली वेबसाइट का बैकअप
♦फर्जी रसीदों का पूरा डेटा
♦अवैध खनन में इस्तेमाल किए गए वाहनों की तस्वीरें
♦खनन सामग्री के स्रोत और गंतव्य की विस्तृत जानकारी
♦अपराध में प्रयुक्त कंप्यूटर सिस्टम
पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है ताकि पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके और इस ठगी में शामिल अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया जा सके।
पंजाब सरकार का अवैध खनन पर सख्त रुख
पंजाब सरकार अवैध खनन के खिलाफ ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाते हुए लगातार कड़ी कार्रवाई कर रही है। खनन एवं भूविज्ञान मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने हाल ही में पौंग डैम और शाह नहर बैराज का दौरा किया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि अवैध खनन के मामलों में कड़ी कार्रवाई की जाए।
मंत्री ने कहा कि अवैध खनन के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए 60 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है, और कई एफआईआर भी दर्ज की गई हैं।
साइबर अपराध प्रभाग की प्रतिबद्धता
पंजाब पुलिस का साइबर क्राइम डिवीजन डिजिटल प्लेटफॉर्म की सुरक्षा सुनिश्चित करने और साइबर अपराधियों पर सख्त कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है। विभाग ने स्पष्ट किया कि ऑनलाइन धोखाधड़ी और वित्तीय अपराधों को रोकने के लिए लगातार प्रयास जारी रहेंगे और ऐसे अपराधियों को कानूनी शिकंजे में कसने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
गौरव कुमार की गिरफ्तारी और इस बड़े साइबर घोटाले के पर्दाफाश से यह स्पष्ट हो गया है कि पंजाब पुलिस राज्य में डिजिटल और वित्तीय अपराधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है।
यह मामला केवल अवैध खनन का नहीं बल्कि साइबर क्राइम का भी है, जिसमें अत्याधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल कर सरकारी तंत्र को धोखा देने की कोशिश की गई। पंजाब सरकार और पुलिस प्रशासन की सतर्कता से इस जालसाजी का पर्दाफाश हुआ, और उम्मीद है कि भविष्य में ऐसे अपराधों पर पूरी तरह अंकुश लगाया जाएगा।