शिक्षा और तकनीक का संगम: स्कूलों में स्मार्टफोन उपयोग पर उच्च न्यायालय का मार्गदर्शन
के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा 2025-03-04 20:52:17

तकनीक के इस युग में, स्मार्टफोन हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुके हैं। लेकिन जब बात स्कूलों की आती है, तो यह प्रश्न उठता है: क्या छात्रों को स्मार्टफोन के साथ स्कूल आना चाहिए? दिल्ली उच्च न्यायालय ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण निर्णय में स्कूली छात्रों के स्मार्टफोन उपयोग पर प्रतिबंध लगाने से इनकार कर दिया है। न्यायमूर्ति अनूप जयराम भंभानी की अध्यक्षता वाली पीठ ने स्पष्ट किया कि स्मार्टफोन का उचित उपयोग कक्षा में शिक्षण, अनुशासन या समग्र शैक्षणिक वातावरण पर नकारात्मक प्रभाव नहीं डालता है।
न्यायालय का निर्णय: प्रतिबंध नहीं, बल्कि संतुलन
दिल्ली उच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया कि छात्रों को स्कूल में स्मार्टफोन लाने से पूरी तरह प्रतिबंधित करना व्यावहारिक नहीं है। कोर्ट ने कहा कि स्मार्टफोन का सही उपयोग शैक्षणिक संसाधन के रूप में किया जा सकता है, लेकिन इसका दुरुपयोग रोकने के लिए उचित दिशानिर्देश आवश्यक हैं।
स्कूलों के लिए दिशानिर्देश: जिम्मेदार उपयोग की ओर कदम
न्यायालय ने स्कूलों के लिए निम्नलिखित दिशानिर्देश जारी किए हैं:
स्मार्टफोन का विनियमित उपयोग: छात्रों को स्कूल में स्मार्टफोन लाने की अनुमति हो, लेकिन उनके उपयोग को नियंत्रित और मॉनिटर किया जाए।
सुरक्षित जमा व्यवस्था: स्कूल प्रवेश के समय छात्रों से स्मार्टफोन एक सुरक्षित स्थान पर जमा कराए जाएं और स्कूल समाप्ति पर उन्हें लौटाए जाएं।
कक्षा में उपयोग पर प्रतिबंध: कक्षा में स्मार्टफोन का उपयोग प्रतिबंधित हो ताकि शिक्षण प्रक्रिया में बाधा न आए।
कैमरा और रिकॉर्डिंग पर रोक: स्कूल परिसर और वाहनों में कैमरा और रिकॉर्डिंग सुविधाओं का उपयोग निषिद्ध हो।
डिजिटल साक्षरता: छात्रों को ऑनलाइन व्यवहार, डिजिटल शिष्टाचार और स्मार्टफोन के नैतिक उपयोग के बारे में शिक्षित किया जाए।
दिल्ली सरकार की पहल: कक्षा में मोबाइल उपयोग पर प्रतिबंध
दिल्ली सरकार ने भी स्कूलों में मोबाइल फोन के उपयोग को नियंत्रित करने के लिए कदम उठाए हैं। शिक्षा निदेशालय ने कक्षाओं, पुस्तकालयों और खेल के मैदानों में शिक्षकों और छात्रों दोनों के लिए मोबाइल फोन के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया है। इसके अलावा, स्कूलों को हेल्पलाइन स्थापित करने का निर्देश दिया गया है ताकि आपात स्थिति में माता-पिता और छात्र आवश्यक कॉल कर सकें।
अंतर्राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य: स्मार्टफोन उपयोग पर वैश्विक दृष्टिकोण
दुनिया के कई देशों में स्कूलों में स्मार्टफोन के उपयोग पर बहस जारी है। कुछ अध्ययनों से पता चला है कि कक्षा में स्मार्टफोन होने से पढ़ाई बाधित हो सकती है और छात्रों का ध्यान भटक सकता है। बेल्जियम, स्पेन और ब्रिटेन के स्कूलों से स्मार्टफोन हटाने से पढ़ाई के नतीजों में सुधार देखा गया है, खासकर उन छात्रों के लिए जो अपने साथियों की तरह अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रहे थे।
संतुलित दृष्टिकोण की आवश्यकता
स्मार्टफोन के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के बजाय, एक संतुलित दृष्टिकोण अपनाना आवश्यक है। न्यायालय और सरकार दोनों ने इस दिशा में कदम उठाते हुए छात्रों के लिए सुरक्षित और उत्पादक शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करने के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं। यह समय की मांग है कि हम तकनीक के साथ तालमेल बिठाते हुए शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन लाएं।