फर्जी एनआरआई बनकर करोड़ों की जमीन पर कब्ज़ा: तहसीलदार सहित नौ के खिलाफ एफआईआर
के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा 2025-03-03 21:08:09

फर्जी एनआरआई बनकर करोड़ों की जमीन पर कब्ज़ा: तहसीलदार सहित नौ के खिलाफ एफआईआर
लुधियाना के नूरपुर बेट गांव में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां अमेरिका में बसे एक एनआरआई की करोड़ों रुपये मूल्य की जमीन को फर्जी दस्तावेज़ों के माध्यम से हड़प लिया गया। इस धोखाधड़ी में तहसीलदार समेत नौ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है, जिससे प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है।
एनआरआई की अनुपस्थिति में फर्जीवाड़ा
अमेरिका में रहने वाले दीप सिंह की लाडोवाल बाईपास के पास नूरपुर बेट गांव में 14 कनाल (लगभग 1.75 एकड़) जमीन है, जिसकी बाजार कीमत लगभग छह करोड़ रुपये आंकी गई है। आरोपियों ने दीप सिंह की अनुपस्थिति का फायदा उठाते हुए जाली दस्तावेज़ तैयार किए और एक अन्य व्यक्ति को दीप सिंह के रूप में पेश कर इस जमीन की रजिस्ट्री मात्र 30 लाख रुपये में करवा दी।
तहसीलदार समेत नौ के खिलाफ मामला दर्ज
विजिलेंस ब्यूरो ने इस मामले में तहसीलदार जगसीर सिंह सरां, खरीदार दीपक गोयल, नंबरदार बघेल सिंह, रजिस्ट्री क्लर्क कृष्ण गोपाल, वकील गुरचरण सिंह, अमित गौड़, फर्जी एनआरआई दीप सिंह, एक कंप्यूटर ऑपरेटर और प्रॉपर्टी डीलर रघबीर सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया है। वकील गुरचरण सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है, जिसने इस फर्जी रजिस्ट्री में मुख्य भूमिका निभाई थी।
फर्जी दस्तावेज़ों से रजिस्ट्री की प्रक्रिया
21 फरवरी को सब-रजिस्ट्रार कार्यालय तहसील पश्चिम लुधियाना में अचानक जांच के दौरान पता चला कि 11 फरवरी को विक्रेता दीप सिंह और पंचकूला के खरीदार दीपक गोयल के बीच 30 लाख रुपये में एक बिक्री इकरारनामा हुआ था। एक व्यक्ति ने स्वयं को दीप सिंह बताकर तहसील कार्यालय में पेश होकर इस जमीन की रजिस्ट्री करवाई, जबकि असली मालिक दीप सिंह अमेरिका में हैं।
गवाहों की भूमिका और पहचान
इस धोखाधड़ी में प्रॉपर्टी डीलर रघबीर सिंह, वकील गुरचरण सिंह और नंबरदार बघेल सिंह समेत गवाहों ने फर्जी एनआरआई के रूप में पेश हुए व्यक्ति की पहचान की। जांच के दौरान विजिलेंस को पता चला कि असली मालिक दीप सिंह की उम्र 55 साल है और वह जन्म से ही अपने परिवार समेत अमेरिका में रह रहे हैं, जबकि इस फर्जी रजिस्ट्री करवाने वाले दीप सिंह की उम्र 39 साल है।
विजिलेंस की कार्रवाई और आगे की जांच
सबूतों और जांच रिपोर्ट के आधार पर 27 फरवरी को मामला दर्ज किया गया और इसकी जांच विजिलेंस ब्यूरो लुधियाना रेंज को सौंप दी गई है। गिरफ्तार एडवोकेट गुरचरण सिंह को अदालत में पेश किया जाएगा, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
यह मामला प्रशासनिक तंत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी की गंभीरता को उजागर करता है। एनआरआई संपत्तियों की सुरक्षा के लिए सख्त नियमों और निगरानी की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सके।