राजस्थान में मौसम का मिजाज बदला: बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की चिंताएँ बढ़ीं


के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा  2025-03-03 20:58:37



 

राजस्थान में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से राज्य के कई जिलों में बारिश और ओलावृष्टि हुई है, जिससे किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुँचा है। बीकानेर और चूरू जिलों में शुक्रवार को तेज बारिश के साथ ओले गिरे, जिससे सड़कों और खेतों पर सफेद चादर बिछ गई।

ओलावृष्टि और बारिश से प्रभावित जिले

शुक्रवार को बीकानेर और चूरू जिलों में भारी ओलावृष्टि दर्ज की गई। तेज बारिश और ओलों के कारण खेतों में खड़ी फसलें बर्बाद हो गईं, जिससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है। मौसम विभाग ने बीकानेर, जयपुर और भरतपुर संभाग के कुछ हिस्सों में शनिवार को भी मेघगर्जन के साथ हल्की बारिश की संभावना जताई है।

तापमान में उतार-चढ़ाव

बीते 24 घंटों में राज्य के विभिन्न हिस्सों में तापमान में उतार-चढ़ाव देखा गया। पाली में अधिकतम तापमान 35.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान बारा में 15.2 डिग्री सेल्सियस रहा। गुरुवार को अजमेर में 18.4, जयपुर में 19, सीकर में 17.5, कोटा में 17.3, चित्तौड़गढ़ में 17.3, बाड़मेर में 19, जैसलमेर में 19.9, जोधपुर में 19, बीकानेर में 19, चूरू में 18.4, श्रीगंगानगर में 15.6 और माउंट आबू में 11 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया।

पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव और आगामी मौसम पूर्वानुमान

मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ का असर 1 मार्च तक बना रहेगा, जिससे कुछ स्थानों पर बारिश और तेज हवाएँ चल सकती हैं। इसके बाद अगले चार दिनों तक मौसम शुष्क रहने की संभावना है। मार्च के दौरान न्यूनतम और अधिकतम तापमान औसत से अधिक रह सकता है, जिससे प्रदेश में भीषण गर्मी पड़ने की संभावना जताई गई है।

किसानों के लिए सलाह

मौसम विभाग ने किसानों को सतर्क रहने और आवश्यक सुरक्षा उपाय अपनाने की सलाह दी है। फसलों को ओलावृष्टि और बारिश से बचाने के लिए उचित प्रबंधन करने की आवश्यकता है, ताकि संभावित नुकसान को कम किया जा सके।


global news ADglobal news AD