चलती बाइक पर दिल का दौरा, पुलिस की तत्परता से बची जान
के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा 2025-03-03 17:19:32

सोचिए, आप अपनी बाइक पर सफर कर रहे हैं और अचानक सीने में तेज दर्द महसूस होता है। आपका नियंत्रण खो जाता है, और अगले ही पल आप सड़क पर गिर जाते हैं। ऐसी ही एक घटना मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में हुई, जहां डायल 100 के जवानों की तत्परता ने एक युवक की जान बचाई।
घटना का विवरण:
यह घटना चांद तहसील के हरनाखेड़ी गांव की है। सुमेर पिता शंभू सिंह साहू, निवासी अकलमा, शाम करीब 7 बजे अपनी बाइक से चौरई जा रहे थे। हरनाखेड़ी के पास अचानक उनके सीने में तेज दर्द उठा, जिससे वे गश खाकर बाइक समेत डिवाइडर से टकरा गए। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत डायल 100 को सूचना दी।
डायल 100 की त्वरित कार्रवाई:
सूचना मिलते ही डायल 100 की टीम, जिसमें सैनिक दीपक उईके और चालक हरि राउत शामिल थे, मौके पर पहुंची। सुमेर की हालत गंभीर होती जा रही थी और वे बेहोश होने लगे थे। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए सैनिक दीपक उईके ने तुरंत सुमेर को सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) दिया, जिससे उनकी सांसें वापस लौट आईं। इसके बाद, चालक हरि राउत ने 17 किलोमीटर की दूरी मात्र 20 मिनट में तय करते हुए सुमेर को चौरई अस्पताल पहुंचाया।
चिकित्सकीय प्रतिक्रिया:
चौरई अस्पताल में मौजूद डॉक्टरों ने बताया कि यदि सुमेर को समय पर सीपीआर नहीं मिलता और उन्हें शीघ्र अस्पताल नहीं लाया जाता, तो उनकी जान बचाना मुश्किल होता। डॉक्टरों ने डायल 100 की टीम की त्वरित और सटीक कार्रवाई की सराहना की।
स्थानीय समुदाय की प्रतिक्रिया:
डायल 100 के जवान दीपक उईके और चालक हरि राउत की इस सराहनीय कार्रवाई की हर तरफ प्रशंसा हो रही है। चांद थाना स्टाफ और स्थानीय लोगों ने उनकी तत्परता और मानवीय संवेदनशीलता के लिए उन्हें बधाई दी है। फिलहाल, सुमेर की हालत सामान्य बताई जा रही है।
यह घटना दर्शाती है कि आपातकालीन सेवाओं की तत्परता और सही प्रशिक्षण कितनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। डायल 100 की टीम ने जिस प्रकार से त्वरित निर्णय लेकर सुमेर की जान बचाई, वह वास्तव में प्रशंसनीय है। यह हमें सिखाता है कि संकट के समय में सही प्रशिक्षण और त्वरित कार्रवाई से जीवन बचाया जा सकता है।