दिल दहला देने वाला हादसा! बुलेट और बाइक की भयानक टक्कर में पांच की दर्दनाक मौत
के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा 2025-03-03 17:11:43

शनिवार की रात आगरा-जगनेर मार्ग पर गहर्राकलां रोड पर एक ऐसा मंजर देखने को मिला, जिसे देख हर कोई सिहर उठा। सैंया के रहने वाले भगवान दास (35), वकील (30), रामस्वरूप (28) और सोनू (25) अपने रिश्तेदार की शादी में शामिल होकर गढ़मुक्खा से लौट रहे थे। वे एक स्प्लेंडर बाइक पर सवार थे, लेकिन किसे पता था कि यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर बन जाएगा!
वहीं, दूसरी ओर बुलेट पर गहर्राकलां, कागारौल निवासी करन और कन्हैया कागारौल जा रहे थे। रात करीब साढ़े दस बजे, जब ये दोनों बाइक्स गहर्राकलां प्याऊ के पास पहुंचीं, तो ऐसी जोरदार भिड़ंत हुई कि देखते ही देखते पांच लोगों की जान चली गई!
खून से लाल हुई सड़क, चीख-पुकार से गूंज उठा इलाका!
टक्कर इतनी भीषण थी कि सड़क पर चारों ओर खून ही खून फैल गया। चारों मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बुलेट सवार करन ने भी मौके पर दम तोड़ दिया। इस हादसे में कन्हैया गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे आनन-फानन में अस्पताल में भर्ती कराया गया।
राहगीरों ने जब घायलों को तड़पते देखा तो तुरंत पुलिस को सूचना दी। चंद मिनटों में ही सैंया और कागारौल थाने की पुलिस घटनास्थल पर पहुंच गई। शवों को एसएन मेडिकल कॉलेज भिजवाया गया और घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।
एसएन मेडिकल कॉलेज में मातम, परिजनों की चीखों से गूंज उठा अस्पताल!
जैसे ही मृतकों के परिजनों को इस भयानक हादसे की खबर मिली, वे बदहवास होकर एसएन मेडिकल कॉलेज पहुंचे। अस्पताल में मातम पसर गया। भगवान दास की पत्नी ललिता ने अपने हाथों की चूड़ियां तोड़ डालीं और दहाड़ मारकर रोने लगीं – "कल ही चूड़ियां लाकर दी थीं, आज सब कुछ उजड़ गया!"
वकील की पत्नी कुसुमा, रामस्वरूप की पत्नी स्वाती और सोनू की मां बेसुध हो गईं। अस्पताल में हर तरफ चीख-पुकार मची हुई थी। डॉक्टरों और पुलिस को हालात संभालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
तेज रफ्तार बनी काल, आखिर कौन है जिम्मेदार?
गवाहों के मुताबिक, दोनों ही बाइकें तेज रफ्तार में थीं। अचानक हुई आमने-सामने की भिड़ंत ने पांच परिवारों की खुशियां छीन लीं। यह दर्दनाक हादसा एक बार फिर सवाल खड़ा करता है – आखिर कब होगी सड़क सुरक्षा को लेकर सख्ती? कब रुकेगी तेज रफ्तार की यह जानलेवा दौड़?
गरीब परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़, उठी मुआवजे की मांग!
मृतकों में भगवान दास की पत्नी ललिता और दो छोटे बच्चे, रामस्वरूप की पत्नी स्वाती और तीन बच्चे, जबकि वकील की पत्नी कुसुमा भी बेसहारा हो गईं। चारों मजदूरी कर अपने परिवार का पेट पालते थे और किराए के मकान में रहते थे। अब उनके परिवारों का गुजारा कैसे होगा?
ग्रामीणों ने सरकार से 10-10 लाख रुपये मुआवजे की मांग की है। एसएन मेडिकल कॉलेज में हंगामा होता रहा, लोग दोषियों पर कार्रवाई और पीड़ित परिवारों के लिए मुआवजे की गुहार लगाते रहे। पुलिस को हालात संभालने के लिए अतिरिक्त बल तैनात करना पड़ा।
क्या कहती है पुलिस?
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दुर्घटना के पीछे तेज रफ्तार मुख्य वजह हो सकती है। हालांकि, जांच जारी है और दुर्घटना की सटीक वजह का पता लगाया जा रहा है।
एसपी (ग्रामीण) देवेश कुमार ने कहा, "यह हादसा बेहद दुखद है। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। हम मृतकों के परिवारों को हरसंभव मदद देने की कोशिश करेंगे।"