गाजियाबाद गैंगरेप मामला: पुलिस जांच में साजिश का पर्दाफाश
के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा 2025-03-03 08:26:36

गाजियाबाद के कवि नगर थाना क्षेत्र में 25 फरवरी को एक महिला द्वारा गैंगरेप और अपहरण की शिकायत दर्ज कराई गई थी। महिला ने आरोप लगाया था कि उसे एक कार में अगवा कर लिया गया, उसके ऊपर केमिकल डाला गया और उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। यह मामला सामने आते ही इलाके में सनसनी फैल गई और पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की।
पुलिस जांच में निकला झूठा दावा
डीसीपी राजेश कुमार के अनुसार, पुलिस ने मामले की गहराई से जांच करने के लिए कई स्तरों पर जांच पड़ताल की। इसमें मेडिकल रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन ट्रैकिंग का सहारा लिया गया। जांच के बाद यह सामने आया कि महिला द्वारा किया गया गैंगरेप और अपहरण का दावा पूरी तरह से झूठा था।
साजिश कैसे बेनकाब हुई?
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले और महिला के बताए गए समय पर उसकी लोकेशन की जांच की। इसके साथ ही मेडिकल रिपोर्ट ने भी उसके आरोपों को खारिज कर दिया। मोबाइल ट्रैकिंग से यह भी साफ हो गया कि महिला उस समय बताए गए स्थानों पर मौजूद नहीं थी, जिससे उसकी पूरी कहानी पर सवाल उठने लगे।
पुलिस का बयान और आगे की कार्रवाई
डीसीपी राजेश कुमार ने बताया कि यह मामला पूरी तरह से मनगढ़ंत और झूठा निकला। उन्होंने कहा कि महिला ने खुद ही यह साजिश रची थी, जिसे पुलिस ने अपनी जांच से उजागर किया। हालांकि, पुलिस ने यह स्पष्ट नहीं किया कि महिला ने यह झूठे आरोप क्यों लगाए थे। अब पुलिस इस मामले में कानूनी कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है।
समाज पर प्रभाव और निष्कर्ष
इस घटना ने समाज में झूठे आरोपों से होने वाले प्रभाव को उजागर किया है। पुलिस की सतर्कता और गहराई से की गई जांच ने सच्चाई को सामने लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह मामला उन मामलों में से एक है, जहां झूठे आरोपों के चलते पुलिस और न्यायिक व्यवस्था का दुरुपयोग होता है।