छत्तीसगढ़: सुकमा में 7 नक्सलियों ने डाले हथियार, 32 लाख का था इनाम
के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा 2025-03-03 06:29:37

छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में नक्सलवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों को एक महत्वपूर्ण सफलता मिली है। सात नक्सलियों, जिनमें एक दंपति भी शामिल है, ने पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण किया है। इन नक्सलियों पर कुल 32 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
आत्मसमर्पण की घटना
सुकमा के पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण और सीआरपीएफ अधिकारियों के समक्ष इन नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में से तीन पर 8-8 लाख रुपये का इनाम था, जबकि चार पर 2-2 लाख रुपये का इनाम घोषित था। राज्य सरकार की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर इन नक्सलियों ने मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया।
आत्मसमर्पित नक्सलियों का विवरण
आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में तीन नक्सली: प्रत्येक पर 8 लाख रुपये का इनाम और चार नक्सली: प्रत्येक पर 2 लाख रुपये का इनाम, शामिल हैं:
इन नक्सलियों में एक दंपति है, जिन्होंने संगठन की हिंसक गतिविधियों से तंग आकर आत्मसमर्पण का फैसला किया।
पुनर्वास नीति का प्रभाव
छत्तीसगढ़ सरकार की पुनर्वास नीति का उद्देश्य नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति स्थापित करना और नक्सलियों को मुख्यधारा में वापस लाना है। इस नीति के तहत आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को आर्थिक सहायता, पुनर्वास और पुनःस्थापना की सुविधाएँ प्रदान की जाती हैं। इस नीति से प्रभावित होकर कई नक्सली आत्मसमर्पण कर रहे हैं।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण ने आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों का स्वागत किया और उन्हें आश्वासन दिया कि सरकार की पुनर्वास नीति के तहत उन्हें सभी आवश्यक सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने अन्य नक्सलियों से भी अपील की कि वे हिंसा का मार्ग छोड़कर मुख्यधारा में शामिल हों और समाज के विकास में योगदान दें।
सुकमा में सात नक्सलियों का आत्मसमर्पण नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे अभियान में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यह घटना दर्शाती है कि राज्य सरकार की पुनर्वास नीतियाँ नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सकारात्मक परिवर्तन ला रही हैं। सुरक्षा बलों और प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में सफलता मिल रही है, जिससे क्षेत्र में शांति और स्थिरता स्थापित हो रही है।