नकली नोट जांचने का बहाना बनाकर उड़ाए पैसे: शातिर गिरोह का पर्दाफाश
के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा 2025-03-02 17:09:38

दिल्ली के दिलशाद गार्डन स्थित एक बैंक में महिला सेना अधिकारी के साथ हुई ठगी की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो पहले भी कई धोखाधड़ी के मामलों में संलिप्त रहे हैं।
घटना का विवरण
21 फरवरी 2025 को दिलशाद गार्डन स्थित एक स्थानीय बैंक में महिला सेना अधिकारी नकदी लेनदेन के लिए गई थीं। इसी दौरान, दो व्यक्तियों ने उन्हें बातों में उलझाया और नकदी की जांच के बहाने कुछ राशि चुरा ली। घटना के बाद, अधिकारी ने जीटीबी एन्क्लेव थाने में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस की कार्रवाई
शिकायत मिलने के बाद, ऑपरेशन सेल ने बैंक और आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज की जांच की। फुटेज में आरोपी एक तिपहिया वाहन से आते और जाते दिखाई दिए। ऑटो चालक की पहचान कर पूछताछ करने पर, आरोपियों के गोकलपुरी मेट्रो स्टेशन से बैंक आने और वापस जाने की जानकारी मिली। तकनीकी निगरानी और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) की मदद से, पुलिस ने आरोपियों की पहचान मोहम्मद परवेज ईरानी और अल्ताफ अली जाफरी के रूप में की, जो महाराष्ट्र के निवासी हैं। 25 फरवरी को, पुलिस ने उन्हें उनके किराए के ठिकाने से गिरफ्तार किया और ₹21,500 नकद बरामद किए।
आरोपियों का तरीका
पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे बैंक में ग्राहकों को निशाना बनाते थे। उनका तरीका था कि वे लोगों को यह यकीन दिलाते कि उन्हें बैंक कैशियर से नकली या फटी हुई मुद्रा मिली है। इस बहाने, वे लोगों का ध्यान भटकाते और बड़ी सफाई से नकदी चुरा लेते थे। दोनों आरोपी पहले भी कई धोखाधड़ी के मामलों में शामिल रहे हैं।
अधिकारियों का बयान
शाहदरा जिले के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) प्रशांत गौतम ने बताया, "जांच के दौरान, हमें पता चला कि दो व्यक्ति नकदी लेनदेन के दौरान लोगों का ध्यान भटकाने के लिए एक चाल का उपयोग करते हैं। वे पीड़ित के हाथों से पैसे लेकर एक विशेष नोट नंबर की जांच के बहाने नकदी वापस करते समय कुछ राशि चुरा लेते हैं।"
सुरक्षा के लिए सुझाव
इस घटना के मद्देनजर, पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे बैंक में लेनदेन के दौरान सतर्क रहें। अनजान व्यक्तियों से बातचीत करते समय सावधानी बरतें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस को दें।