नेपाल में भूकंप से धरती कांपी: बिहार तक दहशत! भारत के कई अन्य हिस्सों में भी महसूस हुए झटके


के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा  2025-03-02 12:52:35



 

शुक्रवार तड़के नेपाल में 6.1 तीव्रता का भूकंप आया, जिसके झटके भारत के बिहार राज्य समेत कई क्षेत्रों में महसूस किए गए। इस अप्रत्याशित घटना ने लोगों में दहशत फैला दी और वे अपने घरों से बाहर निकलने पर मजबूर हो गए।

भूकंप का केंद्र और समय:

नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के अनुसार, भूकंप का केंद्र नेपाल के सिंधुपालचौक जिले के भैरवकुंडा क्षेत्र में था, जो काठमांडू से लगभग 65 किलोमीटर पूर्व में स्थित है। यह झटका स्थानीय समयानुसार सुबह 2:51 बजे आया, जब अधिकांश लोग गहरी नींद में थे। भूकंप की गहराई लगभग 10 किलोमीटर मापी गई। 

प्रभावित क्षेत्र:

भूकंप के झटके नेपाल के मध्य और पूर्वी क्षेत्रों में व्यापक रूप से महसूस किए गए। भारत में, विशेषकर बिहार के पटना, मुजफ्फरपुर, और आसपास के जिलों में भी लोगों ने झटके महसूस किए। इसके अलावा, तिब्बत और चीन के कुछ हिस्सों में भी भूकंप के प्रभाव का अनुभव किया गया। 

स्थानीय प्रतिक्रियाएँ:

सिंधुपालचौक के एक वरिष्ठ अधिकारी, गणेश नेपाली ने बताया, "इसने हमें हमारी नींद से जगा दिया। हम तुरंत घर से बाहर निकल आए। अब लोग वापस अपने घरों में लौट चुके हैं। हमें अब तक किसी नुकसान या चोट की सूचना नहीं मिली है।" 

सुरक्षा उपाय और सलाह:

नेपाल के भूकंपीय इतिहास को देखते हुए, अधिकारियों ने निवासियों को सतर्क रहने और संभावित आफ्टरशॉक्स के लिए तैयार रहने की सलाह दी है। भूकंप के दौरान और बाद में सुरक्षा के लिए निम्नलिखित उपाय अपनाने की सिफारिश की गई है:

भूकंप के दौरान:

मजबूत फर्नीचर के नीचे छिपें और उसे पकड़कर रखें।

सिर और गर्दन को हाथों से ढकें।

खिड़कियों और भारी वस्तुओं से दूर रहें।

भूकंप के बाद:

इमारत की संरचना की जांच करें और दरारें या क्षति होने पर बाहर निकलें।

आपातकालीन किट तैयार रखें, जिसमें प्राथमिक चिकित्सा, पानी, और आवश्यक वस्तुएं हों।

आफ्टरशॉक्स के लिए सतर्क रहें और सुरक्षित स्थान पर रहें।

निष्कर्ष:

हालांकि इस भूकंप से अब तक किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं मिली है, लेकिन यह घटना हमें प्राकृतिक आपदाओं के प्रति सतर्क और तैयार रहने की आवश्यकता का स्मरण कराती है। भूकंप संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुरक्षा उपायों के प्रति जागरूक रहना चाहिए और आपात स्थितियों के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए।और आसपास के जिलों में भी लोगों ने झटके महसूस किए। इसके अलावा, तिब्बत और चीन के कुछ हिस्सों में भी भूकंप के प्रभाव का अनुभव किया गया। 

स्थानीय प्रतिक्रियाएँ:

सिंधुपालचौक के एक वरिष्ठ अधिकारी, गणेश नेपाली ने बताया, "इसने हमें हमारी नींद से जगा दिया। हम तुरंत घर से बाहर निकल आए। अब लोग वापस अपने घरों में लौट चुके हैं। हमें अब तक किसी नुकसान या चोट की सूचना नहीं मिली है।" 

सुरक्षा उपाय और सलाह:

नेपाल के भूकंपीय इतिहास को देखते हुए, अधिकारियों ने निवासियों को सतर्क रहने और संभावित आफ्टरशॉक्स के लिए तैयार रहने की सलाह दी है। भूकंप के दौरान और बाद में सुरक्षा के लिए निम्नलिखित उपाय अपनाने की सिफारिश की गई है:

भूकंप के दौरान:

मजबूत फर्नीचर के नीचे छिपें और उसे पकड़कर रखें।

सिर और गर्दन को हाथों से ढकें।

खिड़कियों और भारी वस्तुओं से दूर रहें।

भूकंप के बाद:

इमारत की संरचना की जांच करें और दरारें या क्षति होने पर बाहर निकलें।

आपातकालीन किट तैयार रखें, जिसमें प्राथमिक चिकित्सा, पानी, और आवश्यक वस्तुएं हों।

आफ्टरशॉक्स के लिए सतर्क रहें और सुरक्षित स्थान पर रहें।

निष्कर्ष:

हालांकि इस भूकंप से अब तक किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं मिली है, लेकिन यह घटना हमें प्राकृतिक आपदाओं के प्रति सतर्क और तैयार रहने की आवश्यकता का स्मरण कराती है। भूकंप संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुरक्षा उपायों के प्रति जागरूक रहना चाहिए और आपात स्थितियों के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए।


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