रमज़ान 2025: पुणे में चाँद दिखने के साथ 2 मार्च से शुरू होगा रमजान का पवित्र महीना


के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा  2025-03-02 09:21:10



 

पुणे, महाराष्ट्र में रमज़ान का चाँद दिखाई देने के साथ ही इस्लामी कैलेंडर का नौवां महीना, रमज़ान, 2 मार्च 2025 से शुरू हो रहा है। यह महीना मुस्लिम समुदाय के लिए विशेष महत्व रखता है, जिसमें वे रोज़ा रखते हैं और अल्लाह की इबादत में समय बिताते हैं।

रमज़ान का महत्व और परंपराएँ

रमज़ान का महीना मुस्लिम समुदाय के लिए आत्म-शुद्धि, संयम और आध्यात्मिक उन्नति का समय होता है। इस दौरान, मुस्लिम लोग सूर्योदय से सूर्यास्त तक रोज़ा रखते हैं, जिसमें वे भोजन, पेय पदार्थ और अन्य सांसारिक इच्छाओं से दूर रहते हैं। यह समय प्रार्थना, कुरान के पाठ और दान-पुण्य के कार्यों के लिए समर्पित होता है।

राज्य तबलीगी जमात प्रमुख हाफ़िज़ नूर का संदेश

महाराष्ट्र राज्य तबलीगी जमात के प्रमुख, हाफ़िज़ नूर ने इस अवसर पर कहा, "रमज़ान एक बरकत वाला महीना है, शांति और समृद्धि का महीना है। हमें इस पवित्र महीने को इबादत और भक्ति में बिताना चाहिए। अल्लाह हमें रमज़ान को सही तरीके से मनाने की तौफ़ीक़ दे।"

पुणे में रमज़ान की तैयारियाँ

पुणे शहर में रमज़ान के आगमन के साथ ही मस्जिदों और मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में विशेष तैयारियाँ की जा रही हैं। मस्जिदों में विशेष नमाज़ (तरावीह) की व्यवस्थाएँ की गई हैं, और बाजारों में इफ्तार (रोज़ा खोलने) के लिए विशेष खाद्य पदार्थों की बिक्री बढ़ गई है। सामाजिक संगठनों द्वारा गरीबों और जरूरतमंदों के लिए इफ्तार के पैकेट वितरित करने की योजनाएँ भी बनाई गई हैं।

रमज़ान के दौरान विशेष कार्यक्रम

रमज़ान के महीने में पुणे की विभिन्न मस्जिदों और इस्लामी संगठनों द्वारा धार्मिक प्रवचन, कुरान पाठ और अन्य आध्यात्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। इन कार्यक्रमों में समुदाय के लोग बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं और अपनी आध्यात्मिक यात्रा को और गहरा करते हैं।

समाज में एकता और भाईचारे का संदेश

रमज़ान का महीना समाज में एकता, भाईचारा और सद्भावना को बढ़ावा देने का भी समय होता है। इस दौरान, मुस्लिम समुदाय के लोग अपने गैर-मुस्लिम पड़ोसियों और दोस्तों के साथ भी इफ्तार साझा करते हैं, जिससे समाज में सांप्रदायिक सौहार्द और मेलजोल बढ़ता है।

पुणे में रमज़ान का चाँद दिखाई देने के साथ ही 2 मार्च 2025 से इस पवित्र महीने की शुरुआत हो रही है। यह समय आत्म-निरीक्षण, प्रार्थना और समाज सेवा का है। समुदाय के लोग इस अवसर पर एकजुट होकर अल्लाह की इबादत में समय बिताएँ और समाज में शांति और समृद्धि की कामना करें।


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