संभल जामा मस्जिद की रंगाई-पुताई पर हाईकोर्ट का आदेश: एएसआई की निगरानी में होगा कार्य
के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा 2025-03-02 07:03:47

उत्तर प्रदेश के संभल जिले की शाही जामा मस्जिद की रंगाई-पुताई को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। मस्जिद प्रबंधन समिति ने रमजान से पूर्व मस्जिद की सफेदी और मरम्मत की अनुमति के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इस पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) को मस्जिद का निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
मस्जिद प्रबंधन समिति की याचिका
मस्जिद प्रबंधन समिति ने अपनी याचिका में उल्लेख किया कि रमजान का पवित्र महीना निकट है, और परंपरागत रूप से इस अवसर पर मस्जिद की सफेदी और मरम्मत की जाती रही है। समिति ने अदालत से अनुरोध किया कि उन्हें इस वर्ष भी यह कार्य करने की अनुमति दी जाए, ताकि श्रद्धालु स्वच्छ और सुंदर वातावरण में इबादत कर सकें।
एएसआई की आपत्ति और हाईकोर्ट का निर्देश
सुनवाई के दौरान, एएसआई ने मस्जिद की रंगाई-पुताई पर आपत्ति जताई, यह तर्क देते हुए कि यह संरचना पुरातात्विक महत्व की है, और किसी भी कार्य से पहले विस्तृत निरीक्षण आवश्यक है। इस पर, न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल की पीठ ने एएसआई को तीन सदस्यीय समिति गठित कर मस्जिद का निरीक्षण करने का आदेश दिया। समिति में एएसआई के दो अधिकारी और स्थानीय प्रशासन का एक प्रतिनिधि शामिल होगा। अदालत ने समिति से शुक्रवार सुबह 10 बजे तक अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है।
हिंदू संगठनों की चिंता
हिंदू संगठनों ने मस्जिद की रंगाई-पुताई के दौरान वहां मौजूद हिंदू प्रतीकों के नष्ट होने की आशंका जताई है। उनका कहना है कि सफेदी के नाम पर ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों को नुकसान पहुंचाया जा सकता है। इसलिए, उन्होंने अदालत से अनुरोध किया है कि रंगाई-पुताई की अनुमति न दी जाए, या फिर इसे सख्त निगरानी में कराया जाए।
प्रशासन की भूमिका
स्थानीय प्रशासन ने मस्जिद प्रबंधन समिति की मांग को एएसआई के अधिकार क्षेत्र का मामला बताते हुए निर्णय लेने से परहेज किया था। जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने स्पष्ट किया कि चूंकि मस्जिद एएसआई की संपत्ति है, इसलिए किसी भी कार्य की अनुमति एएसआई द्वारा ही दी जानी चाहिए। इसी के चलते मामला हाईकोर्ट में पहुंचा।
इलाहाबाद हाईकोर्ट के निर्देशानुसार, एएसआई की तीन सदस्यीय समिति मस्जिद का निरीक्षण कर यह तय करेगी कि रंगाई-पुताई की आवश्यकता है या नहीं, और यदि है, तो इसे कैसे संपन्न किया जाए ताकि संरचना को कोई नुकसान न पहुंचे। समिति की रिपोर्ट के आधार पर ही आगे का निर्णय लिया जाएगा। इस मामले की अगली सुनवाई शुक्रवार सुबह 10 बजे निर्धारित की गई है।