मुंबई के समंदर में आग, मौत से जंग और तटरक्षक बल का सुपरहीरो मिशन


के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा  2025-03-01 15:45:34



 

मुंबई के तट से दूर समुद्र में, सुबह के 6:35 बजे, मछली पकड़ने वाली नाव 'एकविरा माउली' में अचानक भीषण आग लग गई। नाव पर मौजूद 14 मछुआरे गहरे समुद्र में फंसे हुए थे और चारों ओर सिर्फ धुआं और लपटें ही दिख रही थीं। इस भयावह स्थिति में, हर पल उनके लिए खतरा बनता जा रहा था।

भारतीय तटरक्षक बल की त्वरित कार्रवाई

जैसे ही भारतीय तटरक्षक बल को इस आपातकालीन घटना की सूचना मिली, उन्होंने तुरंत ‘आईसीजीएस सावित्रीबाई फुले’ जहाज को मदद के लिए रवाना किया। समय रहते मौके पर पहुंचकर तटरक्षक बल ने बिना देरी किए बचाव अभियान शुरू किया।

जलते जहाज से बचाव: रेस्क्यू ऑपरेशन का रोमांच

तटरक्षक बल के बहादुर जवानों ने पहले आग को काबू में लाने का प्रयास किया ताकि नाव पर फंसे मछुआरों को सुरक्षित निकाला जा सके। आग बुझाने के लिए विशेष तकनीकों का उपयोग किया गया, जिससे स्थिति पर नियंत्रण पाया जा सका।

सुरक्षित बचाव और प्राथमिक उपचार

रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान तटरक्षक बल के जवानों ने सभी 14 मछुआरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। उन्हें तुरंत प्राथमिक चिकित्सा दी गई ताकि किसी भी गंभीर चोट से बचाया जा सके। इसके बाद सभी को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया।

उच्चाधिकारियों की सराहना

इस सफल बचाव अभियान के बाद भारतीय तटरक्षक बल के महानिदेशक राकेश पाल ने टीम की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा, "हमारे जवानों ने जो साहस और तत्परता दिखाई, वह गर्व की बात है। उन्होंने 14 लोगों की जान बचाकर अपने कर्तव्य को पूरी ईमानदारी से निभाया है।"

कैसे लगी आग? जांच जारी

फिलहाल, इस घटना की विस्तृत जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि आग कैसे लगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या उपाय किए जा सकते हैं। प्रारंभिक जांच के अनुसार, यह संभव है कि आग इंजन में तकनीकी खराबी या अन्य किसी तकनीकी कारण से लगी हो।

समंदर में तटरक्षक बल बना 'जीवन रक्षक'

समुद्र में होने वाली अप्रत्याशित घटनाओं के दौरान भारतीय तटरक्षक बल की त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया एक बार फिर जीवन रक्षक साबित हुई। ‘आईसीजीएस सावित्रीबाई फुले’ के बहादुर कर्मियों ने अपने साहस और कार्यकुशलता से यह साबित कर दिया कि वे हर चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं।


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