उत्तराखंड त्रासदी: बद्रीनाथ के समीप 57 मजदूरों की जान पर संकट, राहत कार्य जारी
के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा 2025-03-01 15:11:54

शुक्रवार सुबह 7:15 बजे उत्तराखंड के चमोली जिले के माणा गांव के पास एक भीषण हिमस्खलन हुआ, जिसमें सीमा सड़क संगठन (BRO) के साथ काम कर रहे 57 मजदूर बर्फ में दब गए। यह घटना बद्रीनाथ से मात्र 3 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, जहां BRO की टीम चमोली-बद्रीनाथ हाईवे से बर्फ हटाने के कार्य में संलग्न थी।
तत्काल बचाव अभियान: सेना और अन्य एजेंसियों की मुस्तैदी
घटना की सूचना मिलते ही, सेना की क्विक रिस्पॉन्स टीम के 100 से अधिक जवान, जिनमें डॉक्टर और एम्बुलेंस स्टाफ शामिल थे, तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन में जुट गए। सुबह 11:50 बजे तक, टीम ने 5 कंटेनरों का पता लगाकर 10 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला। इनमें से 4 की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें जोशीमठ और माणा के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
अभी भी जारी है खोज: 3 कंटेनरों की तलाश
सेना के अनुसार, शेष 3 कंटेनरों की खोज जारी है। अब तक कुल 22 मजदूरों को बचाया जा चुका है, जबकि अन्य की तलाश में सेना, NDRF, SDRF, ITBP और BRO की टीमें संयुक्त रूप से प्रयासरत हैं। खराब मौसम और लगातार बर्फबारी के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में चुनौतियाँ आ रही हैं, लेकिन हेलिकॉप्टर और ड्रोन टीमों को अलर्ट पर रखा गया है।
मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्रियों की प्रतिक्रिया
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने SDRF अधिकारियों के साथ बैठक कर स्थिति का जायजा लिया है। उन्होंने ट्वीट किया, "जनपद चमोली में माणा गांव के निकट BRO द्वारा संचालित निर्माण कार्य के दौरान हिमस्खलन की वजह से कई मजदूरों के दबने का दुःखद समाचार प्राप्त हुआ। ITBP, BRO और अन्य बचाव दलों द्वारा राहत एवं बचाव कार्य संचालित किया जा रहा है। भगवान बदरी विशाल से सभी श्रमिक भाइयों के सुरक्षित होने की प्रार्थना करता हूँ।" गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी उत्तराखंड के मुख्यमंत्री, सेना, ITBP और NDRF के अधिकारियों से बातचीत कर स्थिति की जानकारी ली है।
मौसम की चुनौती: भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने 28 फरवरी की देर रात तक उत्तराखंड में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, जिसमें 20 सेंटीमीटर तक बारिश की संभावना है। चमोली के जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने बताया कि घटनास्थल पर लगातार बारिश और बर्फबारी हो रही है, जिससे हेलिकॉप्टर भेजने में कठिनाई हो रही है।
SDRF और ITBP की तत्परता
SDRF की IG रिधिमा अग्रवाल ने BRO कमांडेंट के हवाले से बताया कि घटना बद्रीनाथ धाम के पास की है। SDRF की एक टीम जोशीमठ से रवाना हो चुकी है, लेकिन लामबगड़ में सड़क अवरुद्ध होने के कारण सेना उसे खोलने में लगी हुई है। दूसरी टीम को सहस्रधारा हेलीपैड पर अलर्ट पर रखा गया है, साथ ही SDRF की ड्रोन टीम भी तैयार है। ITBP कमांडेंट पीयूष पुष्कर ने बताया कि उनकी 90 जवानों की 23वीं बटालियन माणा में तैनात है। पिछले दो दिनों से इस इलाके में मौसम खराब है, और शुक्रवार सुबह से ही भारी बर्फबारी हो रही है, जिससे यह हिमस्खलन हुआ।