महाशिवरात्रि पर काशी में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब: यातायात व्यवस्था और सुरक्षा के विशेष इंतजाम


के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा  2025-03-01 15:03:43



 

महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर काशी नगरी में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। बाबा विश्वनाथ के दर्शन और पूजन के लिए देश-विदेश से लाखों भक्त वाराणसी पहुंचे। इस विशाल भीड़ को नियंत्रित करने और सुचारू यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने विशेष प्रबंध किए।

यातायात व्यवस्था में बदलाव

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए, वाराणसी प्रशासन ने 25 फरवरी की रात 10 बजे से 26 फरवरी की रात 10 बजे तक रूट डायवर्जन प्लान लागू किया। इसके तहत, कबीर चौरा से पियरी चौकी होते हुए बेनिया तिराहे तक तीन पहिया और चार पहिया वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित रहा, जबकि दो पहिया वाहनों को अनुमति दी गई। बेनिया पार्किंग से निकलने वाले वाहनों को पियरी चौकी, कबीर चौरा होते हुए अपने गंतव्य की ओर जाने की सलाह दी गई, ताकि लहुराबीर की ओर यातायात भार कम हो सके। 

पार्किंग और परिवहन की विशेष व्यवस्था

बाहरी जिलों से आने वाले वाहनों के लिए शहर के बाहरी क्षेत्रों में पार्किंग स्थलों की व्यवस्था की गई। आजमगढ़, जौनपुर और गाजीपुर से आने वाली बसों और निजी वाहनों को हरहुआ में पार्क किया गया, जहां से श्रद्धालुओं को इलेक्ट्रिक और सिटी बसों द्वारा छोटी कटिंग मेमोरियल ग्राउंड तक लाया गया। इसी प्रकार, सोनभद्र, प्रयागराज और मिर्जापुर से आने वाले वाहनों के लिए मोहनसराय के पास ट्रांसपोर्ट नगर ग्राउंड में पार्किंग की व्यवस्था की गई, जहां से बसें यात्रियों को चांदपुर तक पहुंचा रही थीं। 

VIP दर्शन पर रोक और मंदिर में विशेष प्रबंध

श्रद्धालुओं की अत्यधिक भीड़ को देखते हुए, 25 से 27 फरवरी तक काशी विश्वनाथ मंदिर में VIP दर्शन की सुविधा बंद रही। महाशिवरात्रि के दिन मंगला आरती के बाद सुबह 3:30 बजे से मंदिर के कपाट दर्शनार्थियों के लिए खोल दिए गए, जो लगातार 28 फरवरी रात 1:00 बजे तक खुले रहे। इस दौरान, गेट नंबर 1, 2, 3 और 4 से श्रद्धालुओं को प्रवेश दिया गया, जबकि नागा साधुओं और संतों के दर्शन के समय गेट नंबर 4 से आम श्रद्धालुओं का प्रवेश कुछ घंटों के लिए रोका गया। 

सुरक्षा और निगरानी के कड़े इंतजाम

श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को प्राथमिकता देते हुए, पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने शहर का भ्रमण कर सुरक्षा और यातायात व्यवस्था का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिया कि अधिक भीड़ वाले स्थानों, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, प्रमुख चौराहों और अन्य महत्वपूर्ण स्थलों पर पुलिस बल की तैनाती बढ़ाई जाए। साथ ही, सड़कों पर अतिक्रमण न होने देने और वाहनों की अवैध पार्किंग रोकने के लिए भी सख्त निर्देश जारी किए गए। 

महाशिवरात्रि के अवसर पर काशी में उमड़ी भारी भीड़ के बावजूद, प्रशासन के समुचित प्रबंधों और श्रद्धालुओं के सहयोग से यातायात और सुरक्षा व्यवस्था सुचारू रही। यह दर्शाता है कि उचित योजना और समन्वय से बड़े आयोजनों को सफलतापूर्वक संपन्न किया जा सकता है।


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