पुलिस की नाकामी या सुरक्षा में चूक? सिविल कोर्ट से दहेज हत्या का दोषी फरार


के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा  2025-02-28 10:02:56



 

बिहार की राजधानी पटना से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां सिविल कोर्ट में दहेज हत्या के मामले में दोषी करार दिए गए विनय ठाकुर पुलिस को चकमा देकर फरार हो गए। यह घटना न्यायिक प्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

दोषी करार और फरारी की घटना

फुलवारी शरीफ के रामपुर फरीदपुर निवासी विनय ठाकुर पर अपनी पत्नी की हत्या का आरोप था। बुधवार दोपहर करीब 3 बजे, पटना सिविल कोर्ट ने उन्हें दहेज हत्या के मामले में दोषी ठहराया। जैसे ही पुलिस उन्हें हिरासत में लेने आगे बढ़ी, विनय ठाकुर ने मौके का फायदा उठाते हुए कोर्ट परिसर से भागने में सफलता पाई। पुलिस ने काफी दूर तक उनका पीछा किया, लेकिन वे पकड़ में नहीं आए। 

पुलिस की प्रतिक्रिया और छापेमारी

इस घटना के बाद, कोर्ट के आदेश पर पीरबहोर थाने में मामला दर्ज किया गया। थानाध्यक्ष अब्दुल हलीम ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। हालांकि, अब तक विनय ठाकुर का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। 

सुरक्षा व्यवस्था पर उठते सवाल

इस घटना ने न्यायालय परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाए हैं। इतनी कड़ी सुरक्षा के बावजूद, एक दोषी का पुलिस की नाक के नीचे से फरार होना सुरक्षा में बड़ी चूक को दर्शाता है। यह घटना बताती है कि न्यायालयों में सुरक्षा प्रोटोकॉल की पुनः समीक्षा और सुदृढ़ीकरण की आवश्यकता है।

विनय ठाकुर की फरारी ने पुलिस और न्यायिक प्रणाली के समक्ष एक बड़ी चुनौती प्रस्तुत की है। पुलिस की टीमें उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयासरत हैं। यह घटना सुरक्षा व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता को रेखांकित करती है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।


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