फेमिना मिस इंडिया 2024 निकिता पोरवाल ने नलखेड़ा के बगलामुखी मंदिर में की विशेष पूजा-अर्चना
के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा 2025-02-21 15:22:37

मध्य प्रदेश के आगर मालवा जिले के नलखेड़ा स्थित प्रसिद्ध बगलामुखी मंदिर में हाल ही में फेमिना मिस इंडिया 2024, निकिता पोरवाल ने अपनी श्रद्धा प्रकट की। उन्होंने मंदिर में पूजा-अर्चना की और यज्ञशाला में हवन अनुष्ठान में भाग लिया, जिससे मंदिर परिसर में भक्तों और स्थानीय निवासियों के बीच उत्साह का माहौल बन गया।
निकिता पोरवाल का मंदिर आगमन
निकिता पोरवाल, जो फेमिना मिस इंडिया 2024 का खिताब जीत चुकी हैं, ने अपने व्यस्त कार्यक्रम से समय निकालकर नलखेड़ा के बगलामुखी मंदिर का दौरा किया। उनके आगमन पर मंदिर प्रबंधन और स्थानीय भक्तों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। निकिता ने मंदिर की पवित्रता और आध्यात्मिक माहौल की सराहना की।
मां बगलामुखी के प्रति श्रद्धा
मां बगलामुखी को हिंदू धर्म में दस महाविद्याओं में से एक माना जाता है, जो शत्रुओं का नाश करने वाली देवी हैं। निकिता पोरवाल ने मंदिर में मां बगलामुखी की मूर्ति के समक्ष दीप प्रज्वलित किया और विशेष पूजा-अर्चना की। उन्होंने अपने परिवार और देश की समृद्धि के लिए प्रार्थना की।
हवन अनुष्ठान में सहभागिता
मंदिर की यज्ञशाला में नियमित रूप से हवन अनुष्ठान आयोजित किए जाते हैं, जिनमें भक्तजन भाग लेते हैं। निकिता पोरवाल ने भी इस हवन में सक्रिय रूप से हिस्सा लिया। उन्होंने हवन कुंड में आहुति दी और मंत्रोच्चार के साथ अनुष्ठान संपन्न किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा, "मां बगलामुखी की कृपा से मुझे जीवन में नई ऊर्जा और सकारात्मकता मिली है।"
मंदिर प्रबंधन की प्रतिक्रिया
मंदिर के मुख्य पुजारी ने निकिता पोरवाल की भक्ति की सराहना की और कहा, "निकिता जैसी युवा और सफल व्यक्तित्व का हमारे मंदिर में आना हमारे लिए गर्व की बात है। उनकी उपस्थिति से अन्य युवाओं को भी आध्यात्मिकता की ओर प्रेरणा मिलेगी।"
स्थानीय समुदाय में उत्साह
निकिता पोरवाल की मंदिर यात्रा ने स्थानीय समुदाय में उत्साह का संचार किया। भक्तों ने उनके साथ तस्वीरें खिंचवाईं और उनकी सादगी की प्रशंसा की। एक स्थानीय निवासी ने कहा, "निकिता ने हमारी संस्कृति और परंपराओं के प्रति जो सम्मान दिखाया है, वह सराहनीय है।"
निकिता पोरवाल की बगलामुखी मंदिर यात्रा ने यह सिद्ध किया है कि सफलता के शिखर पर पहुंचने के बाद भी, अपनी जड़ों और आध्यात्मिकता से जुड़े रहना महत्वपूर्ण है। उनकी यह यात्रा युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है, जो आधुनिकता और परंपरा के बीच संतुलन स्थापित करने का संदेश देती है।