बीजेपी का ऐतिहासिक कमबैक! रेखा गुप्ता ने संभाली दिल्ली की कमान
के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा 2025-02-21 14:59:52

दिल्ली में 27 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सत्ता में वापसी की है। रामलीला मैदान में आयोजित एक भव्य समारोह में, रेखा गुप्ता ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सहित कई केंद्रीय मंत्री और भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री उपस्थित थे। शपथ ग्रहण के दौरान, 'जय श्रीराम' के नारों से पूरा मैदान गूंज उठा, जो भाजपा समर्थकों के उत्साह को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता: एक परिचय
रेखा गुप्ता दिल्ली की चौथी महिला मुख्यमंत्री बनी हैं। उन्होंने शालीमार बाग विधानसभा सीट से आम आदमी पार्टी की उम्मीदवार वंदना कुमारी को 29,000 से अधिक वोटों के अंतर से हराया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़ी रेखा गुप्ता भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की सदस्य भी रही हैं। उनका राजनीतिक सफर दिल्ली विश्वविद्यालय से शुरू हुआ, जहां वे छात्र संघ की महासचिव रहीं।
रेखा गुप्ता का शुरुआती जीवन
♦रेखा गुप्ता का जन्म 1974 में हरियाणा के जींद जिले की जुलाना तहसील के नंदगढ़ गांव में हुआ था। 1976 में उनके पिता को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में मैनेजर की नौकरी मिलने के बाद पूरा परिवार दिल्ली आ गया। अपनी पढ़ाई रेखा गुप्ता ने दिल्ली में ही पूरी की और छात्र राजनीति में कदम रखते हुए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़ गईं। एलएलबी में स्नातक के बाद कॉलेज के दिनों से ही राजनीति में सक्रिय हो गई थी।
♦शालीमार बाग सीट से आम आदमी पार्टी की वंदना कुमारी को हराकर रेखा गुप्ता विधायक बनीं।
♦राजनीतिक सफर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) से शुरू हुआ
♦दिल्ली विश्वविद्यालय की सचिव रह चुकी हैं।
♦रेखा गुप्ता का जुड़ाव शहरी और ग्रामीण दोनों ही समाजों से है।
♦उनका परिवार जुलाना (हरियाणा) में व्यापार करता है, जबकि उनका राजनीतिक और शैक्षिक विकास दिल्ली में ही हुआ है।
♦रेखा गुप्ता के पिता स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में नौकरी करते थे। उनका परिवार दिल्ली के शालीमार बाग में बस गया।
♦रेखा गुप्ता के दादा मनीराम जिंदल गांव में रहते थे।
♦रेखा गुप्ता वैश्य समुदाय से आती हैं। जो भाजपा का कोर वोटर माना जाता है।
नई कैबिनेट: विविधता और संतुलन
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के साथ छह मंत्रियों ने भी शपथ ली: प्रवेश वर्मा, आशीष सूद, मनजिंदर सिंह सिरसा, रविंद्र इंद्रराज, कपिल मिश्रा और पंकज सिंह। इस कैबिनेट में विभिन्न समुदायों और क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया गया है। प्रवेश वर्मा, जो पूर्व मुख्यमंत्री साहिब सिंह वर्मा के पुत्र हैं, ने नई दिल्ली सीट से अरविंद केजरीवाल को हराया। मनजिंदर सिंह सिरसा सिख समुदाय का प्रतिनिधित्व करते हैं, जबकि रविंद्र इंद्रराज दलित समुदाय से आते हैं। कपिल मिश्रा और पंकज सिंह पूर्वांचल से हैं, और आशीष सूद पंजाबी समाज का प्रतिनिधित्व करते हैं।
किसको मिला कौन सा कमरा
♦मनीष सिसोदिया के कमरे में प्रवेश वर्मा बैठेंगे। यह कमरा 6 छठे फ्लोर पर है।
♦स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज वाला कमरा मंत्री आशीष सूद को मिला।
♦गोपाल राय वाला रूम मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह को मिला।
♦मुकेश अहलावत का कमरा मंत्री रविन्द्र सिंह इंद्रराज को मिला।
♦इमरान हुसैन के कमरे में मंत्री कपिल मिश्रा बैठेंगे।
♦रघुवेन्द्र शौकीन के कमरे में मंत्री मजिंदर सिंह सिरसा बैठेंगे।
विभागों का बंटवारा
सूत्रों के अनुसार, विभागों का बंटवारा इस प्रकार है:
♦रेखा गुप्ता (मुख्यमंत्री): गृह, वित्त, सेवा, सतर्कता, योजना
♦प्रवेश वर्मा (उपमुख्यमंत्री): शिक्षा, लोक निर्माण विभाग (PWD), परिवहन
♦मनजिंदर सिंह सिरसा: स्वास्थ्य, शहरी विकास, उद्योग
♦रविंद्र इंद्रराज: समाज कल्याण, अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति मामले, श्रम
♦कपिल मिश्रा: जल, पर्यटन, कला एवं संस्कृति
♦आशीष सूद: राजस्व, पर्यावरण, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति
♦पंकज सिंह: कानून, विधायी मामले, आवास
यह विभागीय बंटवारा आधिकारिक घोषणा पर आधारित नहीं है, बल्कि सूत्रों से मिली जानकारी पर आधारित है।
मुख्यमंत्री का पहला संदेश
पदभार ग्रहण करने के बाद, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली सचिवालय में अपने कार्यालय का कार्यभार संभाला। उन्होंने घोषणा की कि उनकी सरकार विकसित दिल्ली के वादे को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है और एक भी दिन व्यर्थ नहीं किया जाएगा। उन्होंने दिल्लीवासियों से अपील की कि मुख्यमंत्री कार्यालय उनके लिए हमेशा खुला है। रेखा गुप्ता ने कहा, "हमारी सरकार पारदर्शिता और जनसेवा के लिए समर्पित होगी।"
यमुना आरती और पहली कैबिनेट बैठक
शपथ ग्रहण के बाद, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और उनकी कैबिनेट ने वासुदेव घाट पर यमुना आरती में भाग लिया। यह कदम धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इसके बाद, शाम 7 बजे नई सरकार की पहली कैबिनेट बैठक आयोजित की गई, जिसमें आगामी कार्यों और नीतियों पर चर्चा की गई।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
रेखा गुप्ता के मुख्यमंत्री बनने पर विभिन्न राजनीतिक नेताओं ने अपनी प्रतिक्रियाएं दीं। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा, "दिल्ली की जनता ने झूठ और लूट को हटाने का मन बना लिया था। रेखा गुप्ता अच्छा काम करेंगी।" कांग्रेस नेता अलका लांबा ने उम्मीद जताई कि नई मुख्यमंत्री महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देंगी।
दिल्ली में भाजपा की सत्ता में वापसी और रेखा गुप्ता का मुख्यमंत्री बनना राज्य की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ है। नई सरकार ने विकास, पारदर्शिता और जनसेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई है। आगामी दिनों में, दिल्लीवासियों को नई सरकार से कई सकारात्मक बदलावों की उम्मीद है।