जब्त 1.66 किलोग्राम सोना अपने पास रखने के मामले में डीएसपी सहित दो कांस्टेबल निलंबित


के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा  2025-02-21 11:07:19



 

राजस्थान के पाली जिले के सोजत सिटी में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) अनिल सारण ने एक आरोपी से जब्त किए गए 1.66 किलोग्राम सोने को थाने के मालखाने में जमा कराने के बजाय अपने पास रखा। इस सोने की कीमत लगभग 1.5 करोड़ रुपये आंकी गई है। इस घटना के प्रकाश में आने के बाद, राजस्थान पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) उत्कल रंजन साहू ने डीएसपी अनिल सारण को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही, इस मामले में शामिल दो कांस्टेबल—अशोक मीणा और जितेंद्र सिंह—को भी निलंबित किया गया है। 

सोने की जब्ती और अनियमितता

नागौर जिले के डेगाना निवासी मनीष शर्मा चेन्नई में अपने रिश्तेदार की आभूषण की दुकान पर काम करते हैं। 9 फरवरी 2025 को, मनीष लगभग 1.66 किलोग्राम सोना लेकर सोजत आए, जिसका उद्देश्य इसे बेचने का था। 10 फरवरी को, उन्होंने अपने मित्र कैलाश चौहान से मुलाकात की और सोना बेचने की बात कही। इस बीच, सोजत सिटी के डीएसपी अनिल सारण को इस लेन-देन की सूचना मिली। 12 फरवरी को, डीएसपी सारण ने मनीष शर्मा को हिरासत में लिया और सोना जब्त कर लिया। हालांकि, उन्होंने इस जब्ती की सूचना अपने उच्चाधिकारियों को नहीं दी, न ही सोने को थाने के मालखाने में जमा कराया। इसके बजाय, उन्होंने मनीष को छोड़ दिया और सोना अपने पास रख लिया। 

उच्चाधिकारियों की जांच और निलंबन

इस घटना की जानकारी पाली जिले के पुलिस अधीक्षक (एसपी) चूनाराम जाट को मिली, जिन्होंने गोपनीय जांच शुरू की। जांच में डीएसपी सारण और दो कांस्टेबलों की संदिग्ध भूमिका सामने आई। इसके पश्चात, एसपी जाट ने डीजीपी उत्कल रंजन साहू को पत्र लिखकर कार्रवाई की सिफारिश की। डीजीपी साहू ने तत्काल प्रभाव से डीएसपी अनिल सारण को निलंबित कर दिया और उन्हें पुलिस मुख्यालय, जयपुर में रिपोर्ट करने का आदेश दिया। साथ ही, एसपी जाट ने कांस्टेबल अशोक मीणा और जितेंद्र सिंह को भी निलंबित कर दिया है। 

जांच की भनक और सोने की सुपुर्दगी

जब डीएसपी सारण को इस मामले की जांच की भनक लगी, तो उन्होंने 17 फरवरी को सोना सोजत थाने में जमा कराया और इस संबंध में मुकदमा दर्ज किया। उन्होंने मनीष शर्मा को फरार घोषित कर दिया। हालांकि, तब तक सोना जब्त किए हुए पांच दिन बीत चुके थे। इस देरी और अनियमितता के कारण उच्चाधिकारियों ने सख्त कार्रवाई की। 

विभागीय जांच और आगे की कार्रवाई

डीजीपी उत्कल रंजन साहू ने बताया कि सोजत सिटी के वृत्ताधिकारी अनिल सारण के खिलाफ गंभीर आरोपों की विभागीय जांच प्रस्तावित है। निलंबन के दौरान, उन्हें पुलिस मुख्यालय, जयपुर में रिपोर्ट करने का निर्देश दिया गया है। इस मामले की जांच जोधपुर ग्रामीण एसपी को सौंपी गई है, जो आगे की कार्रवाई करेंगे।


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