छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती: महल चौक पर भव्य समारोह में दूध अभिषेक, आरती और पारंपरिक ढोल-ताशे की गूंज


के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा  2025-02-20 21:41:10



 

नागपुर के महल चौक पर छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती के अवसर पर एक भव्य समारोह आयोजित किया गया, जिसमें दूध अभिषेक, आरती और पारंपरिक ढोल-ताशा की प्रस्तुतियों ने माहौल को जीवंत बना दिया। इस आयोजन का नेतृत्व राजा शिव छत्रपति प्रतिष्ठान ने किया, जिसमें शहर के गणमान्य व्यक्तियों और नागरिकों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।

दूध अभिषेक और आरती: श्रद्धा का प्रतीक

समारोह की शुरुआत छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा पर दूध अभिषेक से हुई, जो महाराज के प्रति गहरी श्रद्धा और सम्मान का प्रतीक है। इसके पश्चात, भव्य आरती का आयोजन किया गया, जिसमें उपस्थित सभी लोगों ने भाग लिया और महाराज के प्रति अपनी आस्था प्रकट की।

पारंपरिक ढोल-ताशे की धुनों से गूंजा महल चौक

दूध अभिषेक और आरती के बाद, पारंपरिक ढोल-ताशे की प्रस्तुतियों ने माहौल को और भी उत्साहपूर्ण बना दिया। स्थानीय कलाकारों ने अपने प्रदर्शन से उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया, जिससे महल चौक में उत्सव की धूम मच गई।

राजा शिव छत्रपति प्रतिष्ठान की भूमिका

इस पूरे आयोजन का सफल संचालन राजा शिव छत्रपति प्रतिष्ठान द्वारा किया गया। संस्था के अध्यक्ष ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस बार भी जयंती को विशेष बनाने के लिए कई सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिससे युवा पीढ़ी में शिवाजी महाराज के आदर्शों का प्रसार हो सके।

गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति

समारोह में शहर के कई प्रमुख व्यक्तियों ने शिरकत की। नागपुर के महापौर ने अपने संबोधन में कहा, "छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती हमें उनके साहस, नेतृत्व और न्यायप्रियता की याद दिलाती है। हमें उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाना चाहिए।"

शिवाजी महाराज के आदर्शों की प्रासंगिकता

छत्रपति शिवाजी महाराज के आदर्श, जैसे स्वराज्य, सभी धर्मों का सम्मान और प्रजा की भलाई, आज भी समाज के लिए मार्गदर्शक हैं। उनकी रणनीतिक कुशलता और नौसेना की मजबूती पर जोर देने की नीति वर्तमान नेतृत्व के लिए प्रेरणास्रोत है।

समारोह का समापन और भविष्य की योजनाएँ

समारोह का समापन राष्ट्रगान और प्रसाद वितरण के साथ हुआ। राजा शिव छत्रपति प्रतिष्ठान ने घोषणा की कि आने वाले वर्षों में भी वे इसी उत्साह और भव्यता के साथ शिवाजी महाराज की जयंती मनाते रहेंगे, ताकि उनकी विरासत और आदर्शों को जन-जन तक पहुँचाया जा सके।

इस प्रकार, नागपुर के महल चौक पर छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती का यह समारोह न केवल महाराज के प्रति सम्मान और श्रद्धा का प्रतीक था, बल्कि समाज में उनके आदर्शों के प्रसार का एक महत्वपूर्ण माध्यम भी बना।


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