कुशीनगर में डीआरआई की बड़ी कार्रवाई: बांस लदे ट्रक से डेढ़ करोड़ की विदेशी सिगरेट बरामद


के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा  2025-02-20 20:14:56



 

राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने कुशीनगर-गोरखपुर फोरलेन पर एक बांस लदे ट्रक से कोरिया निर्मित अवैध सिगरेट की बड़ी खेप बरामद की है। इस कार्रवाई में ट्रक चालक समेत दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। यह घटना तंबाकू उत्पादों की अवैध तस्करी के बढ़ते मामलों की गंभीरता को दर्शाती है।

तस्करी का खुलासा

शनिवार की रात डीआरआई की टीम ने जगदीशपुर के पास गुवाहाटी से दिल्ली जा रहे एक ट्रक को रोका। बाहरी तौर पर ट्रक में बांस लदा हुआ था, लेकिन जांच करने पर उसमें कोरिया निर्मित सिगरेट के 10,000 पैकेट छिपे हुए पाए गए, जिनकी कीमत लगभग डेढ़ करोड़ रुपये आंकी गई है। डीआरआई अधिकारियों के अनुसार, यह सिगरेट युवाओं को निशाना बनाकर तस्करी की जा रही थी।

गिरफ्तारी और पूछताछ

टीम ने ट्रक को कब्जे में लेकर चालक और एक अन्य व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी पश्चिमी उत्तर प्रदेश के निवासी बताए जा रहे हैं। प्रारंभिक पूछताछ में पता चला है कि सिगरेट की यह अवैध खेप असम और म्यांमार से लाकर उत्तर प्रदेश और दिल्ली के विभिन्न इलाकों में वितरित की जानी थी।

तस्करी का तरीका

सूचना के आधार पर दिल्ली और लखनऊ की संयुक्त टीमें पिछले शनिवार से ही रेकी कर रही थीं। डीआरआई को जानकारी मिली कि गोरखपुर के रास्ते सिगरेट की बड़ी खेप तस्करी कर ले जाई जा रही है। तस्करों ने सुरक्षा एजेंसियों को चकमा देने के लिए गोपालगंज से गोरखपुर आते समय ट्रक का नंबर बदल दिया था। ट्रक पश्चिमी उत्तर प्रदेश का था, लेकिन उस पर हरियाणा का नंबर प्लेट लगाया गया था।

कानूनी पहलू

सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पादों के अवैध कारोबार पर लगाम लगाने के लिए वर्ष 2003 में सिगरेट एंड अदर टोबैको प्रोडक्ट्स एक्ट (COTPA) लागू किया गया था। इस कानून के तहत तंबाकू उत्पादों के पैकेट पर हिंदी और अंग्रेजी में चेतावनी संदेश और कैंसर से संबंधित चित्र होना अनिवार्य है। हालांकि, विदेशी सिगरेट के पैकेट पर ये चेतावनियां नहीं होतीं, जिससे न केवल कानून का उल्लंघन होता है, बल्कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य पर भी गंभीर खतरा उत्पन्न होता है।

टैक्स चोरी और स्वास्थ्य खतरे

सिगरेट पर लगभग 50 प्रतिशत टैक्स लगता है, जिसके लिए पैकेट पर मूल्य अंकित होना आवश्यक है। विदेशी ब्रांड की सिगरेट पर मूल्य अंकित नहीं होता, जिससे मनमाने ढंग से बिक्री की जाती है और टैक्स की पूरी तरह से चोरी होती है। इसके अलावा, COTPA एक्ट के तहत आवश्यक चेतावनी संदेश और चित्र भी इन पैकेटों पर नहीं होते, जिससे उपभोक्ताओं को स्वास्थ्य संबंधी खतरों की जानकारी नहीं मिल पाती।

डीआरआई की यह कार्रवाई तंबाकू उत्पादों की अवैध तस्करी के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल टैक्स चोरी पर अंकुश लगेगा, बल्कि युवाओं को तंबाकू के दुष्प्रभावों से बचाने में भी मदद मिलेगी। आवश्यक है कि उपभोक्ता भी सतर्क रहें और केवल वैध स्रोतों से ही तंबाकू उत्पाद खरीदें, ताकि अपने स्वास्थ्य और कानून दोनों की रक्षा हो सके।


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