जम्मू के रघुनाथ मंदिर में भव्य महा आरती: आध्यात्मिकता की नई ऊंचाइयों पर
के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा 2025-02-20 12:20:01

जम्मू के ऐतिहासिक रघुनाथ मंदिर के बाहर आज तीसरी महा आरती का आयोजन किया गया, जो वाराणसी की तर्ज पर आयोजित की गई थी। इस भव्य आध्यात्मिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया, जिसमें जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे।
महा आरती का आयोजन
रघुनाथ मंदिर, जो अपने वास्तुकला और धार्मिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है, ने आज एक विशेष महा आरती का आयोजन किया। यह महा आरती वाराणसी के गंगा आरती की तर्ज पर आयोजित की गई, जिसमें वैदिक मंत्रोच्चार, दीप प्रज्वलन, और भक्ति संगीत का समावेश था। श्रद्धालुओं ने दीपों की रोशनी में डूबे मंदिर परिसर में आध्यात्मिक अनुभव का आनंद लिया।
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा की उपस्थिति
इस महा आरती में जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने अपने संबोधन में कहा, "रघुनाथ मंदिर की यह महा आरती हमारी सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिकता का प्रतीक है। इस प्रकार के आयोजन समाज में एकता और सद्भावना को बढ़ावा देते हैं।" उनकी उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ाया।
श्रद्धालुओं की प्रतिक्रिया
महा आरती में शामिल हुए श्रद्धालुओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि यह आयोजन उन्हें आध्यात्मिक शांति और आनंद प्रदान करता है। एक स्थानीय निवासी ने कहा, "रघुनाथ मंदिर की महा आरती में भाग लेना एक दिव्य अनुभव है। यह हमारी संस्कृति और परंपरा को जीवित रखने का एक उत्कृष्ट प्रयास है।"
भविष्य की योजनाएँ
रघुनाथ मंदिर प्रबंधन समिति ने घोषणा की है कि इस प्रकार की महा आरती का आयोजन नियमित रूप से किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोग इस आध्यात्मिक अनुभव का लाभ उठा सकें। समिति के अध्यक्ष ने कहा, "हमारा उद्देश्य रघुनाथ मंदिर को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में स्थापित करना है, जहां लोग शांति और सद्भावना का अनुभव कर सकें।"
रघुनाथ मंदिर में आयोजित महा आरती ने जम्मू की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर को एक नई दिशा दी है। इस प्रकार के आयोजन न केवल धार्मिक आस्था को मजबूत करते हैं, बल्कि समाज में एकता और सद्भावना को भी प्रोत्साहित करते हैं। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा की उपस्थिति ने इस आयोजन की महत्ता को और बढ़ाया है, जिससे भविष्य में ऐसे और भी कार्यक्रमों के आयोजन की प्रेरणा मिलेगी।