क्यूएफएक्स घोटाला: 210 करोड़ की ठगी, दुबई से चल रहा था फर्जी निवेश का जाल
के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा 2025-02-20 10:20:18

हिमाचल प्रदेश की क्यूएफएक्स कंपनी में निवेश कराकर 210 करोड़ रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। इस घोटाले का मास्टरमाइंड लविश चौधरी बताया जा रहा है, जो फिलहाल दुबई में छिपा हुआ है। उसने भारत में अपने एजेंटों का एक जाल बिछा रखा था, जो भोले-भाले लोगों को करोड़पति बनने का सपना दिखाकर ठग रहे थे। खासकर, ये एजेंट उन लोगों को निशाना बनाते थे, जिन्हें जमीन के मुआवजे या सेवानिवृत्ति के बाद बड़ी रकम मिली हो। हाल ही में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उत्तर प्रदेश के बागपत, शामली और मुजफ्फरनगर जिलों में छापेमारी कर इस घोटाले की परतें खोल दी हैं।
एजेंटों की सोची-समझी रणनीति
लविश चौधरी के एजेंटों की रणनीति बेहद शातिर थी। वे खासतौर पर उन लोगों की तलाश करते थे, जिनके पास अचानक से बड़ी रकम आई हो। चाहे वह जमीन के मुआवजे के रूप में हो या फिर किसी सरकारी कर्मचारी की सेवानिवृत्ति के बाद मिली पेंशन या ग्रेच्युटी के रूप में। इन एजेंटों ने गांव-गांव तक अपना नेटवर्क फैला रखा था। गांवों में उनके लिए काम करने वाले सहयोगी लोगों को निवेश के लिए फंसाने में मदद करते थे और बदले में मोटा कमीशन कमाते थे।
ईडी की कार्रवाई से मचा हड़कंप
चंडीगढ़ स्थित ईडी की टीम ने जब उत्तर प्रदेश के शामली, बागपत और मुजफ्फरनगर में छापेमारी की, तो निवेशकों में हड़कंप मच गया। बागपत जिले में क्यूएफएक्स कंपनी के 17 एजेंटों की पहचान की गई है, जो अब फरार हो चुके हैं। शामली के सलेक विहार इलाके में एजेंट नवाब के घर पर छापा मारकर 94 लाख रुपये नकद बरामद किए गए। इस कार्रवाई के बाद कई निवेशक भी डर गए हैं और वे सामने आने से बच रहे हैं।
खुफिया विभाग की पैनी नजर
खुफिया एजेंसियां भी इस मामले में पूरी तरह सतर्क हो चुकी हैं और लविश चौधरी के एजेंटों की गतिविधियों पर कड़ी नजर रख रही हैं। बताया जा रहा है कि बड़ौत, बिनौली और चौगामा क्षेत्र के कई एजेंट अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। ये एजेंट गांवों में अपने छोटे गुर्गों के माध्यम से काम करते थे और मुआवजा मिलने वाले व्यक्तियों की जानकारी एजेंटों तक पहुंचाते थे। इसके बाद एजेंट उन लोगों को करोड़पति बनने का लालच देकर निवेश करवाते थे।
निवेशकों की बढ़ी चिंता
ईडी की जांच में सामने आया है कि जिले में क्यूएफएक्स और बोट ब्रो कंपनी में करीब 200 से अधिक निवेशक शामिल हैं। इनका पूरा लेन-देन ऑनलाइन दर्ज है। जब से ईडी ने छापेमारी की है, तब से निवेशकों की हालत खराब हो गई है। उन्हें डर है कि कहीं वे भी कानूनी पचड़ों में न फंस जाएं। हालांकि, अभी तक किसी भी निवेशक ने पुलिस या प्रशासन के सामने कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई है।
ग्रामीणों की आपबीती
चौगामा क्षेत्र के एक व्यक्ति ने बताया कि दिल्ली-देहरादून इकनॉमिक कॉरिडोर के निर्माण में उनके परिवार की जमीन अधिग्रहित की गई थी, जिसके बदले में परिवार के प्रत्येक सदस्य को 50 लाख रुपये से अधिक का मुआवजा मिला। इस बात की जानकारी पूरे गांव को थी। मुआवजा मिलने के कुछ दिन बाद ही क्यूएफएक्स कंपनी के एजेंट उनके पास पहुंचे और उन्हें निवेश करने का लालच दिया। जब उन्होंने मना कर दिया, तो उनके छोटे भाई को बहला-फुसलाकर निवेश करवा लिया।
इसी तरह, गांव के ही एक सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी के बेटे को भी करोड़ों कमाने का सपना दिखाकर इस घोटाले में फंसा लिया गया।
लविश चौधरी: दुबई में बैठा ठगों का सरगना
लविश चौधरी, जो इस घोटाले का मास्टरमाइंड है, फिलहाल दुबई में बैठा हुआ है और वहीं से पूरे रैकेट का संचालन कर रहा है। उसके खिलाफ पहले भी कई मामले दर्ज हो चुके हैं। उसने क्यूएफएक्स, वाईएफएक्स और बोट ब्रो जैसी कंपनियां बनाकर हजारों निवेशकों को चूना लगाया।
लविश ने अपनी पहचान मजबूत करने के लिए बॉलीवुड सितारों और क्रिकेट जगत की मशहूर हस्तियों के साथ तस्वीरें खिंचवाईं, ताकि निवेशकों का भरोसा जीता जा सके। ईडी की जांच में यह भी सामने आया है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने क्यूएफएक्स कंपनी को पहले ही ब्लैकलिस्ट कर रखा था, लेकिन लोग फिर भी इसमें पैसा लगाते रहे।
ईडी की लगातार कार्रवाई
ईडी की टीम ने चंडीगढ़ से आकर शामली के सलेक विहार मोहल्ले में एजेंट नवाब के घर छापा मारा, जहां से 94 लाख रुपये नकद जब्त किए गए। नवाब, जो लविश चौधरी का करीबी माना जाता है, कई राज्यों के लोगों से पैसे निवेश कराकर ठगी कर रहा था। जांच में यह भी पता चला है कि हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, गुजरात, गोवा और चंडीगढ़ में यह गिरोह सक्रिय था।
कंपनी का पंजीकरण 20 जुलाई 2021 को चंडीगढ़ में हुआ था। लेकिन यह कंपनी निवेशकों को गुमराह करके भारी रकम ऐंठ रही थी।
स्थानीय प्रशासन की प्रतिक्रिया
शामली के पुलिस अधीक्षक सेव राज सिंह ने बताया कि इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने निवेशकों से अपील की है कि वे सामने आकर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि उनके पैसे वापस दिलाने के लिए कानूनी कदम उठाए जा सकें।
क्यूएफएक्स घोटाले ने देशभर में हड़कंप मचा दिया है। यह मामला दिखाता है कि कैसे ठग नई-नई योजनाएं बनाकर मासूम लोगों को निशाना बना रहे हैं। इस तरह की ठगी से बचने के लिए लोगों को निवेश करने से पहले पूरी जांच-पड़ताल करनी चाहिए और किसी भी अज्ञात कंपनी के झांसे में नहीं आना चाहिए। ईडी की कार्रवाई अभी जारी है और उम्मीद है कि जल्द ही इस घोटाले के बाकी आरोपी भी कानून की गिरफ्त में होंगे।