प्रयागराज से वाराणसी आ रही बस सुईचक में पलटी: 12 यात्री घायल, चालक की झपकी बनी हादसे का कारण
के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा 2025-02-20 10:18:14

प्रयागराज से वाराणसी की ओर जा रही एक निजी बस सुईचक (गंगापुर) के पास अनियंत्रित होकर सड़क किनारे गड्ढे में पलट गई। इस दुर्घटना में 12 यात्री घायल हो गए, जिन्हें तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। हादसे का मुख्य कारण बस चालक को आई झपकी बताई जा रही है।
घटना का विस्तृत विवरण
रविवार की सुबह, लगभग 40 यात्रियों को लेकर एक निजी बस प्रयागराज से वाराणसी की ओर रवाना हुई। सुईचक (गंगापुर) के समीप पहुंचने पर, बस अचानक अनियंत्रित होकर सड़क के किनारे गड्ढे में पलट गई। दुर्घटना के तुरंत बाद, मौके पर चीख-पुकार मच गई, जिसे सुनकर आसपास के लोग घटनास्थल पर पहुंचे और घायलों को बस से बाहर निकालने में मदद की।
स्थानीय निवासियों की तत्परता
हादसे के तुरंत बाद, स्थानीय निवासियों ने सक्रियता दिखाते हुए बचाव कार्य शुरू किया। उन्होंने घायलों को बस से बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया और प्राथमिक उपचार प्रदान किया। स्थानीय निवासी रमेश यादव ने बताया, "हमने जोर की आवाज सुनी और तुरंत मौके पर पहुंचे। बस पलटी हुई थी और यात्री अंदर फंसे हुए थे। हमने तुरंत उन्हें बाहर निकालना शुरू किया और पुलिस को सूचना दी।"
पुलिस और चिकित्सा सहायता
घटना की सूचना मिलते ही, स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। पुलिस ने एंबुलेंस की व्यवस्था की, जिसके माध्यम से 12 घायलों को जिला अस्पताल भेजा गया। अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी, डॉ. अजय सिंह ने बताया, "घायलों में से अधिकांश की हालत स्थिर है और उन्हें आवश्यक चिकित्सा सहायता प्रदान की जा रही है। कुछ यात्रियों को मामूली चोटें आई हैं, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।"
हादसे का संभावित कारण
प्रारंभिक जांच के अनुसार, हादसे का मुख्य कारण बस चालक को आई झपकी बताया जा रहा है। पुलिस अधिकारी, इंस्पेक्टर राजेश कुमार ने कहा, "प्रथम दृष्टया, ऐसा प्रतीत होता है कि चालक को नींद की झपकी आई, जिससे बस अनियंत्रित होकर पलट गई। हम मामले की विस्तृत जांच कर रहे हैं और चालक से पूछताछ की जाएगी।"
यात्रियों की स्थिति
बस में सवार अन्य यात्रियों को भी हल्की चोटें आई हैं, जिन्हें मौके पर ही प्राथमिक उपचार प्रदान किया गया। घटना के बाद, कुछ यात्रियों ने अपनी यात्रा जारी रखी, जबकि अन्य ने वाराणसी में अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की। यात्री सीमा देवी ने बताया, "हादसा अचानक हुआ, हमें समझ नहीं आया कि क्या हो रहा है। शुक्र है कि स्थानीय लोग तुरंत मदद के लिए आ गए और हमें बाहर निकाला।"
प्रशासन की प्रतिक्रिया
जिला प्रशासन ने घटना का संज्ञान लेते हुए परिवहन विभाग को निर्देश दिया है कि वे बस चालकों की स्वास्थ्य जांच और उनकी कार्य अवधि पर विशेष ध्यान दें। जिलाधिकारी, श्रीमती सुमन गुप्ता ने कहा, "हम सुनिश्चित करेंगे कि सभी बस चालकों को पर्याप्त विश्राम मिले ताकि इस प्रकार की घटनाओं से बचा जा सके। साथ ही, परिवहन विभाग को निर्देशित किया गया है कि वे नियमित रूप से वाहनों की जांच करें और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करें।"
यह घटना एक गंभीर चेतावनी है कि सड़क सुरक्षा और चालक की सतर्कता कितनी महत्वपूर्ण है। चालकों को पर्याप्त विश्राम और सावधानी बरतनी चाहिए ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। साथ ही, परिवहन विभाग और बस संचालकों को भी सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसे हादसों से बचा जा सके।