दीपक मित्तल के ठिकानों पर करोड़ों की संपत्ति का खुलासा, आज भी खुलेंगे दो लॉकर


के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा  2025-02-20 07:17:23



 

राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिशासी अभियंता (एक्जीक्यूटिव इंजीनियर) दीपक कुमार मित्तल के विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी कर आय से अधिक संपत्ति का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में करोड़ों रुपये की अघोषित संपत्ति, नकदी, सोना-चांदी और बेनामी संपत्तियों का खुलासा हुआ है।

छापेमारी का विवरण

एसीबी ने जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, अजमेर, ब्यावर और हरियाणा के फरीदाबाद में स्थित मित्तल के आधा दर्जन से अधिक ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। इस दौरान जयपुर के बरकत नगर स्थित मकान, जोधपुर के कुड़ी क्षेत्र में किराए का मकान, उदयपुर में रीको कार्यालय और कलड़वास स्थित 9 संपत्तियों सहित अन्य स्थानों पर तलाशी ली गई। कार्रवाई के दौरान भारी मात्रा में नकदी, सोना-चांदी के आभूषण, संपत्ति के दस्तावेज और निवेश से संबंधित कागजात बरामद हुए। आज एसीबी द्वारा मित्तल के अन्य बैंक लॉकरों को भी खोला जाएगा, जिससे और खुलासे होने की संभावना है।

बरामद संपत्ति और नकदी

एसीबी की कार्रवाई में अब तक निम्नलिखित संपत्तियाँ और नकदी बरामद हुई हैं:

नकदी: जयपुर स्थित आवास से 50 लाख रुपये नकद बरामद हुए।

सोना-चांदी: कुल 2 किलोग्राम सोने के आभूषण और 6.5 किलोग्राम चांदी के आभूषण एवं सिक्के मिले हैं। जयपुर के सी-स्कीम स्थित बैंक लॉकर से 1.5 किलोग्राम सोने के आभूषण और 5 किलोग्राम चांदी के आभूषण बरामद हुए।

संपत्तियाँ: जयपुर में 1 करोड़ रुपये मूल्य के 4 प्लॉट, उदयपुर में 1.34 करोड़ रुपये के 9 प्लॉट, और ब्यावर एवं अजमेर में 6.5 लाख रुपये के 3 प्लॉट के दस्तावेज मिले हैं। कुल मिलाकर, मित्तल ने 16 प्लॉट सहित करोड़ों रुपये की संपत्ति अर्जित की है। 

बैंक खाते और निवेश: मित्तल और उनके परिजनों के 18 बैंक खातों में लगभग 40 लाख रुपये जमा हैं। इसके अलावा, म्यूचुअल फंड में 50 लाख रुपये का निवेश पाया गया है। तीन बैंक लॉकरों की भी जानकारी मिली है, जिनमें से एक की तलाशी में उपरोक्त सोना-चांदी बरामद हुआ।

बच्चों की महंगी शिक्षा

जांच के दौरान, मित्तल के बच्चों की शिक्षा से संबंधित दस्तावेज भी मिले हैं। उनके बच्चे जयपुर के सेंट जेवियर्स स्कूल, जयपुर नेशनल यूनिवर्सिटी और एम्स गोरखपुर में अध्ययनरत हैं। इन संस्थानों में अब तक लगभग 70 लाख रुपये की फीस का भुगतान किया गया है। इसके अलावा, कई बीमा पॉलिसियों में निवेश के दस्तावेज भी बरामद हुए हैं। 

दीपक कुमार मित्तल: एक संक्षिप्त परिचय

दीपक कुमार मित्तल राजस्थान पीडब्ल्यूडी में अधिशासी अभियंता के पद पर कार्यरत हैं। वर्ष 2019 से फरवरी 2024 तक उन्होंने उदयपुर में सेवा दी, जिसके बाद उनकी पोस्टिंग जोधपुर में हुई। जोधपुर में वे कुड़ी क्षेत्र में किराए के मकान में रह रहे थे। उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत मिलने पर एसीबी ने यह व्यापक कार्रवाई की। 

एसीबी की आगे की कार्रवाई

एसीबी की 12 से अधिक टीमें इस मामले की जांच में जुटी हैं। डीआईजी हरेंद्र सिंह महावर के निर्देशन में यह कार्रवाई चल रही है। सभी जब्त दस्तावेजों, बैंक खातों और निवेशों की गहन जांच की जा रही है। आगे की कानूनी कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर तय की जाएगी। 

इस घटना ने सरकारी अधिकारियों में व्याप्त भ्रष्टाचार और अवैध संपत्ति अर्जित करने के मामलों को उजागर किया है। एसीबी की यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ एक सख्त संदेश है। आवश्यक है कि सरकारी तंत्र में पारदर्शिता और ईमानदारी सुनिश्चित की जाए, ताकि जनता का विश्वास बना रहे।


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