राजस्थान विधानसभा में फोन टैपिंग विवाद: सियासी संग्राम और समाधान की कोशिशें


के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा  2025-02-19 22:22:41



 

राजस्थान की राजनीति में हाल ही में कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा द्वारा लगाए गए फोन टैपिंग के आरोपों ने हलचल मचा दी है। इस विवाद ने विधानसभा की कार्यवाही को बाधित किया है, जिससे बजट सत्र पर भी असर पड़ रहा है। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने इस गतिरोध को समाप्त करने के लिए प्रमुख नेताओं की बैठक बुलाई है।

फोन टैपिंग विवाद की शुरुआत

7 फरवरी 2025 को, कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने जयपुर के आमागढ़ मंदिर में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान अपनी ही सरकार पर फोन टैपिंग और जासूसी के आरोप लगाए। उन्होंने कहा, "मेरी जासूसी हो रही है। फोन टैपिंग की जा रही है।" इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया और विपक्ष ने सरकार पर तीखे हमले शुरू कर दिए। 

विधानसभा में हंगामा और गतिरोध

फोन टैपिंग के आरोपों के बाद, विधानसभा में जोरदार हंगामा हुआ। विपक्ष ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से इस मुद्दे पर स्पष्टीकरण और इस्तीफे की मांग की। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा, "मुख्यमंत्री को इस गंभीर मुद्दे पर जवाब देना चाहिए।" हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही बाधित हुई और अंततः 19 फरवरी तक स्थगित कर दी गई। 

विधानसभा अध्यक्ष की पहल

सदन में जारी गतिरोध को समाप्त करने के लिए विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने 17 फरवरी को सुबह 11 बजे प्रमुख नेताओं की बैठक बुलाई है। इस बैठक में संसदीय कार्यमंत्री जोगाराम पटेल, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा, सरकारी मुख्य सचेतक उते जोगेश्वर गर्ग, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, आरएलडी के सुभाष गर्ग, बसपा के मनोज न्यांगली और बीएपी के थावर चंद शामिल होंगे। देवनानी ने कहा, "सदन की गरिमा बनी रहे और जनता के मुद्दों पर सार्थक चर्चा हो, इसके लिए सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलना जरूरी है।" 

पार्टी की अनुशासनात्मक कार्रवाई

भाजपा ने मंत्री किरोड़ी लाल मीणा के बयानों को गंभीरता से लेते हुए उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया है। पार्टी ने तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है, अन्यथा अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी है। 

विपक्ष की मांग और सरकार की प्रतिक्रिया

विपक्ष इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री के स्पष्ट जवाब की मांग पर अड़ा हुआ है। वहीं, संसदीय कार्यमंत्री जोगाराम पटेल ने विपक्ष के व्यवहार को सदन की गरिमा पर धब्बा बताया है। उन्होंने कहा, "राजस्थान के गरिमामयी सदन में विपक्षी दल कांग्रेस की ओर से किया गया व्यवहार सदन के गरिमापूर्ण इतिहास पर एक धब्बा है।" 

फोन टैपिंग विवाद ने राजस्थान की राजनीति में उथल-पुथल मचा दी है। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी की पहल से उम्मीद है कि प्रमुख नेताओं के बीच संवाद से गतिरोध समाप्त होगा और बजट सत्र सुचारू रूप से चल सकेगा। सभी दलों का सहयोग आवश्यक है ताकि जनता के महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हो सके और लोकतांत्रिक प्रक्रियाएं बाधित न हों।


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