सुप्रीम कोर्ट ने यूट्यूबर रणवीर इलाहाबादिया को लगाई फटकार: दिमाग में गंदगी है, जो उगल दी


के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा  2025-02-19 22:14:40



 

सोशल मीडिया के प्रभावशाली व्यक्तित्व रणवीर इलाहाबादिया, जिन्हें 'बीबॉय रणवीर' के नाम से भी जाना जाता है, हाल ही में समय रैना के एक शो 'इंडियाज गॉट लैटेंट' में अभद्र और आपत्तिजनक टिप्पणी करने के कारण विवादों में घिर गए हैं। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें फटकार लगाते हुए कहा कि उनके दिमाग में गंदगी है, जो उन्होंने शो में उगल दी। साथ ही, कोर्ट ने यह भी कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर समाज के मानदंडों के खिलाफ कुछ भी बोलने की छूट नहीं है।

शो में अभद्र टिप्पणी

रणवीर इलाहाबादिया ने 'इंडियाज गॉट लैटेंट' शो में परिवार और माता-पिता को लेकर आपत्तिजनक और अभद्र टिप्पणी की थी। उनकी इस टिप्पणी पर सोशल मीडिया पर तीव्र प्रतिक्रिया हुई, और कई लोगों ने उनकी आलोचना की। इस मामले में विभिन्न एफआईआर दर्ज की गईं, जिन पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई की।

सुप्रीम कोर्ट की फटकार

सुप्रीम कोर्ट ने रणवीर इलाहाबादिया की टिप्पणी पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, "ऐसा लगता है कि दिमाग में कुछ गंदगी भरी है, जो उगल दी गई।" कोर्ट ने उनके वकील से सवाल किया, "समाज के मूल्य क्या हैं? क्या आप जानते हैं?" साथ ही, कोर्ट ने यह भी कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर समाज के मानदंडों के खिलाफ कुछ भी बोलने की छूट नहीं है। 

रणवीर इलाहाबादिया का परिचय

रणवीर इलाहाबादिया एक प्रसिद्ध यूट्यूबर, पॉडकास्टर और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हैं। वे 'बीबॉय रणवीर' के नाम से भी जाने जाते हैं और अपने पॉडकास्ट 'द रणवीर शो' के लिए प्रसिद्ध हैं, जिसमें वे विभिन्न विषयों पर चर्चा करते हैं। रणवीर ने अपनी शिक्षा मुंबई विश्वविद्यालय से की है और बाद में उन्होंने मीडिया और मनोरंजन उद्योग में करियर बनाने का निर्णय लिया। उनकी सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में फॉलोअर्स हैं, और वे युवाओं के बीच एक प्रभावशाली व्यक्तित्व माने जाते हैं।

कोर्ट की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया

रणवीर इलाहाबादिया ने सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वे अपने शब्दों के चयन के लिए खेद व्यक्त करते हैं और भविष्य में अधिक सतर्क रहने का वादा करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वे समाज के मानदंडों का सम्मान करते हैं और अपनी टिप्पणियों से किसी को आहत नहीं करना चाहते थे।

सुप्रीम कोर्ट की यह फटकार यह दर्शाती है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार जिम्मेदारी के साथ आता है। सार्वजनिक मंचों पर व्यक्त की जाने वाली टिप्पणियाँ समाज के मानदंडों और मूल्यों के अनुरूप होनी चाहिए। रणवीर इलाहाबादिया की यह घटना सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के लिए एक चेतावनी है कि वे अपनी टिप्पणियों में सतर्कता बरतें और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझें।


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