चाइनीज़ मांझे से हादसा: महादेव पुल पर बाइक सवार की गर्दन कटी, साथी घायल
के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा 2025-02-19 21:37:49

उत्तर प्रदेश के बरेली शहर में महादेव पुल पर चाइनीज़ मांझे के कारण एक गंभीर सड़क हादसा हुआ है। इस हादसे में बाइक सवार युवक की गर्दन कट गई, जबकि पीछे बैठी महिला साथी घायल हो गई। यह घटना सोमवार शाम करीब चार बजे हुई।
हादसे का विवरण
किला थाने के मोहल्ला कटघर निवासी 23 वर्षीय हर्ष गुप्ता एक फाइनेंस कंपनी में कर्मचारी हैं। वे अपनी सहकर्मी के साथ बाइक से कचहरी जा रहे थे। महादेव पुल पर चढ़ते समय चाइनीज़ मांझा उनके गले में फंस गया, जिससे उनकी गर्दन कट गई और वे असंतुलित होकर बाइक समेत गिर गए। इससे पीछे बैठी महिला भी घायल हो गई। राहगीरों ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद घायल हर्ष को अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
चाइनीज़ मांझे का खतरा
बरेली में चाइनीज़ मांझे का उपयोग बढ़ता जा रहा है, जो नायलॉन और कांच-लोहे के चूरे से बना होता है। यह मांझा अत्यधिक खतरनाक होता है और कई लोगों की जान ले चुका है। पक्षी भी इसके शिकार हो चुके हैं। स्थानीय प्रशासन ने इस पर प्रतिबंध लगाने के बावजूद, अवैध रूप से इसका उपयोग जारी है।
पहले भी हो चुके हैं हादसे
महादेव पुल पर पहले भी चाइनीज़ मांझे के कारण कई हादसे हो चुके हैं। 26 सितंबर 2024 को कोहाड़ापीर पुल पर तीन वर्षीय अथर्व उर्फ चीकू चाइनीज़ मांझे की चपेट में आकर घायल हो गया था। 24 अगस्त 2024 को द्वारकापुरम कॉलोनी निवासी शिक्षक नेता विनोद कुमार भी चाइनीज़ मांझे से घायल हुए थे। नौ मई 2024 को कोतवाली में तैनात दरोगा महेश चौधरी भी मांझे की चपेट में आकर घायल हुए थे। जुलाई 2023 में राजीव नगर कॉलोनी निवासी सचिन की ढाई माह की बेटी शिवांशी भी मांझे से घायल हो गई थी। वर्ष 2021 में फतेहगंज पश्चिमी के व्यापारी ताहिर रजा नूरी और मढ़ीनाथ निवासी व्यापारी शिवा गुप्ता भी चाइनीज़ मांझे के कारण घायल हुए थे।
प्रशासन की कार्रवाई
स्थानीय प्रशासन ने चाइनीज़ मांझे पर प्रतिबंध लगाया है, लेकिन अवैध रूप से इसका उपयोग जारी है। पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है और आरोपी की तलाश की जा रही है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से चाइनीज़ मांझे के उपयोग पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
चाइनीज़ मांझे के कारण बरेली में हो रहे हादसे चिंता का विषय हैं। स्थानीय प्रशासन और नागरिकों को मिलकर इस पर नियंत्रण पाना होगा। सख्त कानून और जागरूकता अभियानों के माध्यम से चाइनीज़ मांझे के उपयोग पर रोक लगाई जा सकती है, जिससे भविष्य में होने वाले हादसों से बचा जा सके।