साइबर ठगी का सनसनीखेज़ मामला: महिला को डिजिटल अरेस्ट कर अश्लील वीडियो से ब्लैकमेल


के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा  2025-02-19 08:43:32



साइबर ठगी का सनसनीखेज़ मामला: महिला को डिजिटल अरेस्ट कर अश्लील वीडियो से ब्लैकमेल

गाज़ियाबाद में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां साइबर अपराधियों ने एक महिला को डिजिटल अरेस्ट में रखकर तीन दिनों तक मानसिक प्रताड़ना दी और अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया। यह घटना साइबर सुरक्षा के प्रति हमारी सतर्कता पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

घटना का विवरण

सितंबर माह में राजनगर निवासी एक युवती को अज्ञात नंबर से वीडियो कॉल प्राप्त हुआ, जिसमें कॉल करने वाले ने स्वयं को पुलिस अधिकारी बताया। उसने युवती को बताया कि उनके बैंक खाते में विदेश से अवैध फंडिंग हुई है और उन्हें जेल जाना पड़ेगा। इस धमकी से भयभीत होकर, युवती ने तीन दिनों तक किसी से संपर्क नहीं किया और मानसिक तनाव में रहीं। आरोपियों ने उन्हें दिन में चार बार वीडियो कॉल किया और मामले को सुलझाने के बहाने अश्लील वीडियो और फोटो बनाने के लिए मजबूर किया। बाद में, इन वीडियो और फोटो को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर पांच लाख रुपये की मांग की गई। तीन दिनों के बाद, युवती ने अपने परिवार को इस घटना की जानकारी दी और साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई। 

पुलिस की प्रतिक्रिया

इस मामले में एडीसीपी (क्राइम) सच्चिदानंद ने बताया कि पीड़िता की शिकायत दर्ज कर ली गई है और जिन नंबरों से कॉल आई थी, उनकी लोकेशन ट्रेस की जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा। 

सच्चिदानंद: एक परिचय

सच्चिदानंद गाज़ियाबाद पुलिस में एडीसीपी (क्राइम) के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर में कई महत्वपूर्ण मामलों की जांच की है और साइबर अपराधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए जाने जाते हैं। उनकी नेतृत्व में, गाज़ियाबाद पुलिस ने कई साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है और नागरिकों को सुरक्षा प्रदान की है।

डिजिटल अरेस्ट: एक नई चुनौती

डिजिटल अरेस्ट एक नई प्रकार की साइबर ठगी है, जिसमें अपराधी स्वयं को कानून प्रवर्तन अधिकारी बताकर पीड़ित को मानसिक रूप से बंधक बनाते हैं। वे वीडियो कॉल के माध्यम से पीड़ित को डराते हैं और अवैध गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाते हैं। इसके बाद, वे मामले को सुलझाने के बहाने धन की मांग करते हैं और अश्लील सामग्री बनाकर ब्लैकमेल करते हैं। यह घटना गाज़ियाबाद में इस प्रकार का पहला मामला है, जहां पीड़िता को डिजिटल अरेस्ट कर अश्लील वीडियो बनाया गया। 

साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता

इस घटना से स्पष्ट होता है कि साइबर अपराधी नए-नए तरीकों से लोगों को ठगने का प्रयास कर रहे हैं। इसलिए, हमें सतर्क रहना होगा और अज्ञात कॉल्स या संदेशों से सावधान रहना चाहिए। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देनी चाहिए और अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से बचना चाहिए।

गाज़ियाबाद की यह घटना साइबर सुरक्षा के प्रति हमारी जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता को दर्शाती है। साइबर अपराधियों के नए तरीकों से बचने के लिए हमें सतर्क रहना होगा और संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत रिपोर्ट करनी चाहिए। पुलिस और साइबर सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर ही हम इस प्रकार के अपराधों से सुरक्षित रह सकते हैं।


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