सिद्धगुरु श्री सिद्धेश्वर ब्रह्मर्षि गुरुदेव के अमृतवाणी से आलोकित हुआ कल्याण महोत्सव


के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा  2025-02-19 06:29:38



 

बीकानेर के महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय के भव्य ऑडिटोरियम में कल्याण महोत्सव का आयोजन किया गया, जो अध्यात्म, भक्ति और ज्ञान की गंगा में स्नान करने जैसा अनुभव था। यह आध्यात्मिक महासमर न केवल राजस्थान बल्कि पूरे देश के श्रद्धालुओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बना। सिद्धगुरु श्री सिद्धेश्वर ब्रह्मर्षि गुरुदेव ने अपने दिव्य प्रवचनों से श्रोताओं को आत्मिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग दिखाया।

महोत्सव का शुभारंभ राजस्थान के सुविख्यात संगीतकार राजू विजयवर्गीय और उनकी टीम द्वारा प्रस्तुत गणेश वंदना और भक्ति संध्या से हुआ। इस संगीतमयी आराधना ने उपस्थित श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर कर दिया। इसके पश्चात, सिद्धगुरु श्री सिद्धेश्वर ब्रह्मर्षि गुरुदेव ने अपने साढ़े छह बजे प्रारंभ हुए अमृतवाणी प्रवचन में श्रद्धा, विश्वास और धर्म की शक्ति को जीवन में आत्मसात करने का संदेश दिया।

गुरुवर का दिव्य संदेश: "धर्म को सिर में नहीं, आत्मा में रखो"

अपने अमृतमयी वचनों में सिद्धगुरु श्री सिद्धेश्वर ब्रह्मर्षि गुरुदेव ने कहा, "धर्म को सिर पर मत रखो, उसे सिर में रखो, फिर आत्मा में और अंत में आचरण में उतारो। यही सच्चे धर्म का स्वरूप है।"

उन्होंने बताया कि प्रहलाद और द्रौपदी जैसे अटूट विश्वास का होना आवश्यक है। ईश्वर पर विश्वास रखो, संशय मत करो, क्योंकि "ईश्वर अपने भक्तों का विश्वास कभी नहीं तोड़ते।" गुरुदेव ने जीवन में निंदा, छल, कपट और अहंकार से दूर रहने की सीख देते हुए कहा कि निंदा करने और सुनने वाले दोनों ही नकारात्मक ऊर्जा से प्रभावित होते हैं, जिससे जीवन में कई बाधाएं आती हैं।

गुरुदेव ने अपने प्रवचनों में सत्य, संयम, सेवा और साधना को जीवन का मूल मंत्र बताया और उपस्थित श्रद्धालुओं को धर्म और अध्यात्म की राह पर चलने की प्रेरणा दी।

राजनीति, उद्योग और समाजसेवा के प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों की भव्य उपस्थिति

महोत्सव में कई प्रसिद्ध हस्तियों ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई:

♦केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने वर्चुअल माध्यम से संबोधन दिया, जिसमें उन्होंने गुरुदेव के आध्यात्मिक योगदान की सराहना की।

♦सुप्रसिद्ध समाजसेवी गणेश छल्लाणी ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की।

♦हैदराबाद के उद्योगपति विक्रम डागा, महेश अग्रवाल और अमेरिका के प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. हितेंद्र जैन को गेस्ट ऑफ ऑनर के रूप में सम्मानित किया गया।

♦बीकानेर के प्रतिष्ठित उद्योगपति बसंत नौलखा, शिवरतन अग्रवाल (बीकाजी ग्रुप), गणेश बोथरा, विमल चोपड़ा (यमुनानगर), कमलचंद पुगलिया, अजय पुगलिया, डॉ. एल.सी. बैद, दिलीप अग्रवाल सहित कई प्रतिष्ठित हस्तियों ने गुरुदेव का स्वागत किया।

♦पाली विधायक भीमराज भाटी, कर्नाटक विधायक बसवराज (बसु भाई), सुप्रसिद्ध समाजसेवी शुभकरण बोथरा (दिल्ली), उद्योगपति विजय बांठिया (सिलीगुड़ी), लवली गोयल (अहमदाबाद), न्यायाधीश राजेन्द्र चौधरी (जयपुर) सहित देशभर से गणमान्य अतिथियों ने इस महोत्सव में भाग लिया।

सिद्धगुरु श्री सिद्धेश्वर ब्रह्मर्षि गुरुदेव का संक्षिप्त जीवन परिचय

सिद्धगुरु श्री सिद्धेश्वर ब्रह्मर्षि गुरुदेव एक महान आध्यात्मिक संत हैं, जिन्होंने अष्ट सिद्धियों और नव निधियों को प्राप्त किया है। उन्होंने सांसारिक शिक्षा में महारथ हासिल करने के साथ-साथ संस्कृत, वेद, पुराण और ज्योतिष में डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की है। गुरुदेव की कुंडलिनी जन्म से ही जागृत थी और उन्होंने ब्रह्मलोक, विष्णुलोक व शिवलोक की सिद्धि प्राप्त कर ब्रह्मर्षि का पद प्राप्त किया।

उन्होंने संपूर्ण भारत में हजारों भक्तों को सत्य, प्रेम, करुणा और साधना का मार्ग दिखाया है। उनके प्रवचनों से न केवल भारत, बल्कि विश्वभर के लाखों श्रद्धालु आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त कर चुके हैं।

बीकानेर में आध्यात्मिक चेतना की नई लहर

यह महोत्सव बीकानेरवासियों के लिए भक्ति, श्रद्धा और आत्मज्ञान का अद्वितीय संगम साबित हुआ। गुरुदेव के दिव्य प्रवचनों ने श्रद्धालुओं को सत्य, धर्म और आत्मिक शांति के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।

कार्यक्रम का कुशल संचालन रवि पुगलिया ने किया। उन्होंने अपनी ओजस्वी वाणी से समस्त श्रद्धालुओं को गुरुदेव की शिक्षाओं से जोड़ने का कार्य किया।

समारोह का समापन और दिव्य अनुभूति

बीकानेर में आयोजित कल्याण महोत्सव न केवल एक धार्मिक आयोजन था, बल्कि यह अध्यात्म, श्रद्धा और आत्मचिंतन की यात्रा भी थी। महोत्सव के समापन के बाद भी श्रद्धालुओं के हृदयों में गुरुदेव के प्रवचनों की गूंज सुनाई देती रही।

बीकानेर में इस भव्य आध्यात्मिक आयोजन ने धर्म और भक्ति की एक नई लहर उत्पन्न की है, जो आने वाले वर्षों में और भी व्यापक रूप लेगी।


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