राजस्थान में तहसीलदारों की रिश्वतखोरी: 15 लाख की रिश्वत लेते दो को दबोचा 


के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा  2025-02-18 15:03:52



 

राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने जैसलमेर जिले में दो तहसीलदारों को 15 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही मुहिम का हिस्सा है, जिसने पूरे जिले में हड़कंप मचा दिया है।

रिश्वतखोरी का पर्दाफाश

भणियाणा तहसीलदार सुमित्रा गोदारा और फतेहगढ़ तहसीलदार शिवप्रकाश शर्मा पर आरोप है कि उन्होंने जमीन की रजिस्ट्री और नामांतरण में सुविधा प्रदान करने के लिए 60 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की थी। एसीबी के डीजी डॉ. रविप्रकाश मेहरा ने बताया कि परिवादी की शिकायत पर सत्यापन के बाद यह आरोप सही पाया गया। इसके पश्चात, एसीबी ने जाल बिछाकर दोनों अधिकारियों को 15 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। 

कार्रवाई का नेतृत्व और निगरानी

इस महत्वपूर्ण कार्रवाई का नेतृत्व एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र सिंह ने किया, जबकि डीजी डॉ. रविप्रकाश मेहरा ने स्वयं इस पूरे ऑपरेशन की मॉनिटरिंग की। उनके निर्देशन में टीम ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप बिछाया और दोनों तहसीलदारों को गिरफ्तार किया। 

गिरफ्तारी की प्रक्रिया

शिकायत मिलने के बाद, एसीबी के उच्चाधिकारियों ने मामले का सत्यापन करवाया। शिकायत सही पाए जाने पर, जयपुर के एएसपी पुष्पेंद्र सिंह के नेतृत्व में टीम ने जैसलमेर में जाल बिछाया। जैसे ही परिवादी से दोनों अधिकारियों ने घूस की रकम ली, उन्हें रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया। 

भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम

राजस्थान में एसीबी लगातार भ्रष्टाचार और घूसखोरी में लिप्त अधिकारियों के खिलाफ सख्त कदम उठा रही है। इस कार्रवाई से स्पष्ट संदेश जाता है कि भ्रष्टाचार में लिप्त किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा। एसीबी की इस मुहिम से आम जनता में विश्वास बढ़ा है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो रही है।

न्यायिक प्रक्रिया और आगे की कार्रवाई

गिरफ्तारी के बाद, दोनों तहसीलदारों से पूछताछ जारी है। मामले में अग्रिम कार्रवाई की जा रही है, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि दोषियों को कानून के अनुसार सजा मिले। एसीबी की इस कार्रवाई से अन्य अधिकारियों को भी चेतावनी मिली है कि भ्रष्टाचार में लिप्त होने पर कड़ी सजा का सामना करना पड़ेगा।

जैसलमेर में हुई इस कार्रवाई ने साबित कर दिया है कि राजस्थान में भ्रष्टाचार के खिलाफ एसीबी की मुहिम प्रभावी ढंग से चल रही है। इससे न केवल भ्रष्ट अधिकारियों में भय व्याप्त हुआ है, बल्कि आम जनता में भी यह संदेश गया है कि न्याय प्रणाली सक्रिय है और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम उठा रही है।


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