नाबालिग बच्चियों के शोषण से जनाक्रोश: पुलिस को सख्त कार्रवाई का अल्टीमेटम


के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा  2025-02-18 15:00:22



 

अजमेर जिले के बिजयनगर क्षेत्र में नाबालिग बच्चियों के साथ शोषण के मामले सामने आने के बाद स्थानीय जनता में भारी आक्रोश व्याप्त है। पीड़ित परिवारों ने बिजयनगर थाने में तीन अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज करवाई हैं, जिससे क्षेत्र में तनाव का माहौल है। आक्रोशित नागरिकों ने थाने पर पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ त्वरित और कठोर कार्रवाई की मांग की है, साथ ही पुलिस प्रशासन को शाम तक का अल्टीमेटम दिया है।

शिकायतों का विवरण और पुलिस की प्रतिक्रिया

बिजयनगर थानाधिकारी करण सिंह ने जानकारी दी कि पीड़ित पक्षों की ओर से तीन मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें सात संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। उन्होंने बताया कि आरोपियों से पूछताछ जारी है और मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई की जा रही है। इस घटना से स्थानीय समुदाय में गहरा आक्रोश है, जिसके चलते बड़ी संख्या में लोग थाने पर एकत्रित हुए।

स्थानीय नेताओं का विरोध प्रदर्शन

घटना के विरोध में पूर्व पालिका अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह मेवाड़ा, पालिका उपाध्यक्ष प्रीतम बड़ोला, भाजपा मंडल अध्यक्ष अनिल बोहरा, और ओमप्रकाश जैदिया के नेतृत्व में सैकड़ों लोग बिजयनगर थाना परिसर में एकत्रित हुए। उन्होंने पुलिस प्रशासन से आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की और न्याय की गुहार लगाई। इस दौरान मसूदा सीओ सज्जन सिंह समेत चार थानों के अधिकारी और पुलिस बल मौके पर मौजूद रहे ताकि स्थिति को नियंत्रित रखा जा सके।

सामाजिक संगठनों की प्रतिक्रिया

गुलाबपुरा के पूर्व पालिका अध्यक्ष धनराज गुर्जर ने इस घटना को मानवता को शर्मसार करने वाला बताया और पुलिस प्रशासन से मामले का शीघ्र खुलासा कर आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। विश्व हिंदू परिषद के धनराज कावड़िया ने आरोप लगाया कि एक विशेष समुदाय के लोगों ने इस घृणित कृत्य को अंजाम दिया है और उनके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने पुलिस प्रशासन को शाम 6 बजे तक का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी कि यदि समय पर कार्रवाई नहीं हुई, तो आगे की रणनीति तय करने के लिए बैठक आयोजित की जाएगी।

पुलिस की वर्तमान स्थिति और आगे की कार्रवाई

बिजयनगर थानाधिकारी करण सिंह ने पुष्टि की है कि तीन मामले दर्ज कर लिए गए हैं और अब तक सात संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। पूछताछ जारी है और पुलिस सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च अधिकारियों की निगरानी में जांच प्रक्रिया तेज कर दी गई है ताकि दोषियों को जल्द से जल्द न्याय के कटघरे में लाया जा सके।

बिजयनगर में नाबालिग बच्चियों के साथ हुए शोषण की घटनाओं ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। स्थानीय जनता और सामाजिक संगठनों का आक्रोश स्पष्ट है, जो न्याय की मांग कर रहे हैं। पुलिस प्रशासन पर दबाव है कि वह त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करे ताकि पीड़ित परिवारों को न्याय मिल सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।


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