चरखी दादरी सिविल अस्पताल में दो गुटों के बीच हिंसक झड़प: अस्पताल बना अखाड़ा
2025-02-18 11:26:19

हरियाणा के चरखी दादरी स्थित सिविल अस्पताल में रविवार देर रात एक अप्रत्याशित घटना घटी, जहां दो गुटों के बीच जमकर मारपीट हुई। इस दौरान, अस्पताल का इमरजेंसी वार्ड रणभूमि में तब्दील हो गया, जिससे मरीजों और स्टाफ में भय का माहौल पैदा हो गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें दोनों पक्ष एक-दूसरे पर लात-घूसे और थप्पड़ों की बौछार करते नजर आ रहे हैं।
घटना का विवरण
रविवार रात, खेड़ी सनवाल गांव से झगड़े में घायल एक युवक को उसके परिजन और परिचित सिविल अस्पताल की इमरजेंसी में इलाज के लिए लाए थे। उसी समय, विरोधी गुट के लोग भी वहां पहुंच गए, जिससे दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते, विवाद ने उग्र रूप ले लिया और दोनों गुटों ने एक-दूसरे पर लात-घूसे और थप्पड़ों से हमला कर दिया। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि मारपीट इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ. संदीप के कक्ष तक पहुंच गई, जिससे अस्पताल का माहौल तनावपूर्ण हो गया।
अस्पताल प्रशासन की प्रतिक्रिया
घटना के तुरंत बाद, कार्यवाहक मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. राजवेंद्र मलिक ने चिकित्सकों की आपात बैठक बुलाई। बैठक में निर्णय लिया गया कि मारपीट करने वाले दोनों गुटों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई जाएगी। डॉ. मलिक ने बताया कि घटना में अस्पताल का एक एंबुलेंस चालक भी शामिल था, जिसके खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। इसके अलावा, उन्होंने पुलिस अधीक्षक (एसपी) अर्श वर्मा से फोन पर बात कर मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस की भूमिका पर सवाल
अस्पताल प्रशासन ने आरोप लगाया है कि घटना की सूचना मिलने पर जब पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे, तो वे नशे की हालत में थे। इससे स्थिति को नियंत्रित करने में देरी हुई और मारपीट जारी रही। सीएमओ डॉ. राजवेंद्र मलिक ने इस संबंध में एसपी अर्श वर्मा को पत्र लिखकर नशे में पहुंचे पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
वीडियो साक्ष्य और सार्वजनिक प्रतिक्रिया
अस्पताल में हुई इस मारपीट का वीडियो अस्पताल कर्मियों ने रिकॉर्ड किया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे दोनों गुट एक-दूसरे पर हमला कर रहे हैं, जिससे अस्पताल की शांति भंग हो गई। इस घटना ने स्थानीय समुदाय में आक्रोश पैदा कर दिया है, और लोग अस्पताल जैसी जगह पर इस तरह की हिंसा की कड़ी निंदा कर रहे हैं।
न्यायिक प्रक्रिया और आगे की कार्रवाई
अस्पताल प्रशासन द्वारा दर्ज की गई शिकायत के आधार पर, पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। दोनों गुटों के सदस्यों की पहचान की जा रही है, और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, नशे में ड्यूटी पर पहुंचे पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी विभागीय जांच की जाएगी। अस्पताल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।
चरखी दादरी सिविल अस्पताल में हुई इस घटना ने स्वास्थ्य संस्थानों में सुरक्षा और शांति की आवश्यकता को उजागर किया है। अस्पताल, जहां मरीज उपचार और सुकून की उम्मीद लेकर आते हैं, वहां इस तरह की हिंसा न केवल चिकित्सा सेवाओं में बाधा डालती है, बल्कि मरीजों और स्टाफ की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े करती है। आवश्यक है कि प्रशासन, पुलिस और समाज मिलकर ऐसे कदम उठाएं, जिससे भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।