बीएसएनएल में भर्ती के नाम पर ठगी: फर्जी पोस्टरों से सावधान रहें
के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा 2025-02-18 08:59:57

साइबर अपराधी लगातार नए-नए तरीकों से लोगों को ठगने के प्रयास में लगे हैं। हाल ही में, बीएसएनएल (भारत संचार निगम लिमिटेड) में नौकरी दिलाने के नाम पर बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी की घटनाएं सामने आई हैं। ठगों ने फर्जी पोस्टरों के माध्यम से बेरोजगार युवाओं को निशाना बनाते हुए उनसे पैसे ऐंठने की कोशिश की है।
फर्जी पोस्टरों का प्रसार
नीमच समेत कई स्थानों पर ठगों ने बीएसएनएल टॉवरों में बंपर भर्ती के फर्जी पोस्टर सार्वजनिक स्थानों, बाजारों और अन्य जगहों पर चस्पा कर दिए हैं। इन पोस्टरों में लड़के और लड़कियों की तत्काल भर्ती का दावा किया गया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे व्हाट्सएप, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर भी ये पोस्टर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिससे अधिक से अधिक लोग इनके जाल में फंस रहे हैं।
धोखाधड़ी का तरीका
पोस्टरों में दिए गए नंबरों पर संपर्क करने पर ठग बेरोजगारों से फोन पे या गूगल पे के जरिए 5,000 से 10,000 रुपये तक जमा करवाने के लिए कहते हैं। रकम प्राप्त करने के बाद, वे फोन बंद कर लेते हैं और पीड़ित से संपर्क समाप्त कर देते हैं। इस तरह, मासूम लोग ठगी का शिकार हो जाते हैं।
बीएसएनएल की आधिकारिक प्रतिक्रिया
दूरसंचार विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि बीएसएनएल इस तरह पोस्टर छपवाकर भर्ती नहीं करता। सभी आधिकारिक भर्तियां विभाग की अधिकृत वेबसाइट या विज्ञप्ति के माध्यम से हेड ऑफिस से की जाती हैं। उप मंडल अभियंता पंकज लुहारिया ने बताया कि जब कोई बेरोजगार पोस्टर में दिए गए नंबर पर कॉल करता है, तो ठग उसे ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करने के लिए कहते हैं और रकम मिलने के बाद फोन बंद कर देते हैं। उन्होंने जनता से अपील की है कि वे ऐसे फर्जी पोस्टरों से सावधान रहें और किसी भी अनधिकृत स्रोत से प्राप्त जानकारी पर विश्वास न करें।
साइबर ठगी से बचने के उपाय
आधिकारिक स्रोतों की जाँच करें: किसी भी नौकरी या भर्ती से संबंधित जानकारी के लिए हमेशा बीएसएनएल की आधिकारिक वेबसाइट (www.bsnl.co.in) या विश्वसनीय सरकारी पोर्टल पर ही भरोसा करें।
संदिग्ध पोस्टरों से सावधान रहें: सार्वजनिक स्थानों या सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे पोस्टरों की सत्यता की पुष्टि किए बिना उन पर विश्वास न करें।
ऑनलाइन भुगतान से बचें: किसी भी अनजान व्यक्ति या संस्था को नौकरी के नाम पर ऑनलाइन भुगतान न करें। अधिकांश सरकारी संस्थान भर्ती प्रक्रिया के लिए किसी प्रकार का अग्रिम शुल्क नहीं मांगते।
साइबर अपराध शाखा को सूचित करें: यदि आपको किसी फर्जी भर्ती या ठगी का संदेह हो, तो तुरंत स्थानीय पुलिस या साइबर अपराध शाखा को इसकी सूचना दें।
बीएसएनएल के नाम पर हो रही इस तरह की साइबर ठगी से बचने के लिए सतर्क रहना आवश्यक है। आधिकारिक स्रोतों से ही जानकारी प्राप्त करें और किसी भी अनधिकृत माध्यम से प्राप्त जानकारी पर विश्वास न करें। साइबर अपराधियों के जाल में फंसने से बचने के लिए जागरूकता और सतर्कता ही सबसे बड़ा हथियार है।
विशेष ध्यान देने योग्य
बीएसएनएल में भर्ती के नाम पर ठगी केवल एक उदहारण मात्र है। जालसाजों द्वारा ऐसी धोखाधडी किसी भी कंपनी, सरकारी निकाय, निगम, बोर्ड आदि के नाम पर की जा सकती है। अतः सावधान रहें बिना अधिकारिक पुष्टि के ऐसे किसी भी प्रलोभन पर विश्वास ना करें।