अमित शाह का बेटा बनकर रुद्रपुर विधायक से 3 करोड़ की मांग: जांच में जुटी पुलिस 


के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा  2025-02-18 08:41:30



 

उत्तराखंड के रुद्रपुर क्षेत्र में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक अज्ञात व्यक्ति ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का पुत्र जय शाह बनकर विधायक शिव अरोरा से मंत्री पद दिलाने के नाम पर तीन करोड़ रुपये की मांग की। संदेह होने पर विधायक के सहयोगी ने इस बातचीत को रिकॉर्ड कर लिया और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।

घटना का विवरण

13 फरवरी 2025 को, रुद्रपुर विधायक शिव अरोरा के मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आई। कॉलर ने स्वयं को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का बेटा जय शाह बताते हुए लगभग 14 मिनट 22 सेकंड तक बातचीत की। उसने कहा कि वह अभी लंदन से अडानी के बेटे की शादी से लौट रहा है। कॉलर की बातों से विधायक को संदेह हुआ कि यह एक धोखाधड़ी हो सकती है। विधायक के फोन में रिकॉर्डिंग सुविधा न होने के कारण, उन्होंने कॉल को लाउडस्पीकर पर डालकर अपने सहयोगी अभिषेक मिश्रा से इसे रिकॉर्ड करने को कहा। इस प्रकार, 12 मिनट 51 सेकंड की रिकॉर्डिंग प्राप्त हुई।

कॉलर की मांगें और बातचीत का सार

बातचीत के दौरान, कॉलर ने दिल्ली की राजनीति, अपने 'पिता' की व्यस्तता, और उत्तराखंड सरकार में महत्वपूर्ण पदों के बारे में चर्चा की। उसने बताया कि उत्तराखंड सरकार में तीन मंत्रियों को बदला जाना है और विधायक शिव अरोरा का नाम मंत्री पद के लिए प्रस्तावित है। इसके अलावा, उसने अन्य विधायकों को भी मंत्री पद देने की बात कही।

कॉलर ने यह भी कहा कि 'पापा' (अमित शाह) 14 फरवरी को हल्द्वानी में राष्ट्रीय खेलों के समापन समारोह में आ रहे हैं, जिसके बाद वे दिल्ली लौटेंगे। उसने विधायक से दिल्ली आने का अनुरोध किया और बताया कि उसने 'नड्डा अंकल' (भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा) से भी बात की है, जिन्होंने पार्टी फंड में तीन करोड़ रुपये के सहयोग की अपेक्षा की है। जब विधायक ने अमित शाह और नड्डा से सीधे बात कराने की मांग की, तो कॉलर ने उन्हें व्यस्त बताते हुए बाद में बात कराने का आश्वासन दिया।

पुलिस में शिकायत और जांच

विधायक शिव अरोरा के सहयोगी अभिषेक मिश्रा ने कोतवाली में तहरीर देकर इस घटना की शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर कॉलर की पहचान और उसे पकड़ने के लिए जांच शुरू कर दी है। इस घटना ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में हलचल मचा दी है, क्योंकि उच्च पदस्थ नेताओं के नाम पर इस प्रकार की धोखाधड़ी गंभीर चिंता का विषय है।

सावधानी और सतर्कता की आवश्यकता

इस घटना से स्पष्ट होता है कि साइबर अपराधी और ठग नए-नए तरीकों से लोगों को निशाना बना रहे हैं। सार्वजनिक और राजनीतिक व्यक्तियों को ऐसे फर्जी कॉल्स से सावधान रहना चाहिए और किसी भी संदिग्ध कॉल या मांग पर तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचित करना चाहिए। इसके अलावा, आम जनता को भी जागरूक रहना चाहिए और अनजान कॉल्स या संदेशों पर विश्वास करने से पहले उनकी सत्यता की जांच करनी चाहिए।

रुद्रपुर विधायक शिव अरोरा के साथ हुई इस घटना ने दिखाया है कि ठग किस प्रकार उच्च पदस्थ नेताओं के नाम का दुरुपयोग करके लोगों को धोखा देने का प्रयास कर रहे हैं। इसलिए, सभी को सतर्क रहना आवश्यक है और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देनी चाहिए, ताकि ऐसे अपराधियों पर सख्त कार्रवाई की जा सके।


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