बालोद में सड़क किनारे दिखा भालुओं का जोड़ा: वन विभाग ने जारी किया अलर्ट
के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा 2025-02-18 06:12:17

छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में हाल ही में एक वीडियो सामने आया है, जिसमें दो भालू सड़क किनारे विचरण करते नजर आ रहे हैं। इस घटना के बाद से स्थानीय निवासियों में चिंता बढ़ गई है, और वन विभाग ने सतर्कता बरतने की अपील की है।
घटना का विवरण
बालोद से घोटिया मार्ग पर, रानी माई मंदिर से कुछ दूरी पर, नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष विकास चोपड़ा ने अपने कैमरे में दो बड़े भालुओं को कैद किया। विकास चोपड़ा ने बताया कि वे मंदिर दर्शन के लिए जा रहे थे, तभी उन्होंने सड़क किनारे इन भालुओं को देखा। उन्होंने तुरंत इस दृश्य को रिकॉर्ड किया और सोशल मीडिया पर साझा किया, ताकि लोग सतर्क रहें। उन्होंने विशेष रूप से दुपहिया वाहन चालकों को रात में इस मार्ग पर यात्रा करने से बचने की सलाह दी है।
वन विभाग की प्रतिक्रिया
इस घटना के बाद, बालोद वन विभाग के उप वन मंडलाधिकारी डिंपी बैंस ने बताया कि पानी की तलाश में भालू अक्सर इस क्षेत्र में आ जाते हैं। उन्होंने कहा, "जब भालू खुद को असुरक्षित महसूस करता है, तो वह हमला कर सकता है।" उन्होंने आगामी तेंदूपत्ता तोड़ने और महुआ एकत्र करने के सीजन के मद्देनजर लोगों से अपील की है कि वे अकेले जंगल में न जाएं और समूह में ही प्रवेश करें। साथ ही, वन विभाग विशेष मुनादी कराकर लोगों को जागरूक करेगा।
सुरक्षा के लिए सुझाव
भालुओं की उपस्थिति को देखते हुए, स्थानीय निवासियों और राहगीरों को निम्नलिखित सावधानियां बरतनी चाहिए:
रात में यात्रा से बचें: विशेषकर दुपहिया वाहन चालकों को रात में इस मार्ग पर यात्रा करने से बचना चाहिए।
समूह में जाएं: तेंदूपत्ता या महुआ एकत्र करने के लिए जंगल में जाने वाले लोग समूह में जाएं, ताकि किसी आपात स्थिति में एक-दूसरे की मदद कर सकें।
सतर्क रहें: सड़क किनारे या जंगल के पास भालू दिखने पर तुरंत वन विभाग को सूचना दें और स्वयं किसी भी प्रकार की कार्रवाई से बचें।
बालोद जिले में भालुओं की सक्रियता को देखते हुए, स्थानीय लोगों और यात्रियों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। वन विभाग द्वारा जारी निर्देशों का पालन करके हम न केवल अपनी सुरक्षा सुनिश्चित कर सकते हैं, बल्कि वन्यजीवों के साथ सहअस्तित्व भी बना सकते हैं।