सिंचाई विभाग के एसडीओ की गुंडागर्दी, किसान से मारपीट का वीडियो वायरल होने के बाद किया निलंबित
के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा 2025-02-17 15:05:45

सिंचाई विभाग के एसडीओ की गुंडागर्दी, किसान से मारपीट का वीडियो वायरल होने के बाद किया निलंबित
मध्य प्रदेश के सिवनी जिले के केवलारी क्षेत्र में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां जल संसाधन विभाग के एसडीओ श्रीराम बघेल ने निरीक्षण के दौरान किसानों के साथ अभद्र व्यवहार किया। किसानों द्वारा सिंचाई की समस्याओं को उठाने पर अधिकारी ने गाली-गलौज की और मारपीट पर उतर आए। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
किसानों की समस्या और अधिकारी की प्रतिक्रिया
तिलवारा दाई तट नहर के निरीक्षण के दौरान, किसानों ने एसडीओ श्रीराम बघेल से अपने खेतों में पानी की कमी की शिकायत की। इसके जवाब में, अधिकारी ने न केवल उनकी समस्याओं को नजरअंदाज किया, बल्कि गाली-गलौज करते हुए एक किसान की कॉलर पकड़ ली और दूसरे को कार की डिक्की में जबरन ठूंसने की कोशिश की। इस दौरान उन्होंने धमकी भरे शब्दों में कहा, "तुम अपनी सीमा में रहो, मैं किसी भी हद तक जा सकता हूँ, तुम्हारी ऐसी-तैसी कर दूंगा।"
घटना का वीडियो और प्रशासन की कार्रवाई
इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद, प्रशासन ने तुरंत संज्ञान लिया। जल संसाधन विभाग के प्रमुख अभियंता विनोद कुमार देवड़ा ने एसडीओ श्रीराम बघेल को सस्पेंड कर दिया और उन्हें जल संसाधन विभाग, नर्मदापुरम अटैच कर दिया गया। साथ ही, केवलारी थाने में उनके खिलाफ केस भी दर्ज किया गया है।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार की प्रतिक्रिया
इस घटना पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर वीडियो साझा करते हुए लिखा, "सिवनी जिले की यह घटना इस बात का प्रमाण है कि मध्य प्रदेश के अफसर कितने बेलगाम और किसान कितना निरीह है! जल संसाधन विभाग के SDO श्रीराम बघेल ने एक किसान के साथ मारपीट की और उसे कार की डिक्की में बंद कर दिया। किसान की गलती कुछ भी हो, अफसर को कानून हाथ में लेने का कोई अधिकार नहीं! उसे इसकी सजा दी जानी चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को तत्काल इस अफसर पर कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई ऐसी हरकत नहीं कर सके।"
स्थानीय किसानों में आक्रोश
इस घटना के बाद स्थानीय किसानों में भारी आक्रोश है। वे प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि एसडीओ पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों। किसानों का कहना है कि वे अपनी समस्याओं को लेकर अधिकारियों के पास जाते हैं, लेकिन इस तरह के व्यवहार से उनका मनोबल टूटता है।
यह घटना न केवल प्रशासनिक अधिकारियों की संवेदनहीनता को उजागर करती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि किसानों की समस्याओं को गंभीरता से लेने की आवश्यकता है। उम्मीद है कि प्रशासन इस मामले में उचित कार्रवाई करेगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाएगा।