चूहों का आतंक: नगर निगम ने मारने के लिए जारी किया टेंडर, तीन माह में करना होगा खात्मा
2025-02-17 09:51:44

मुरादाबाद शहर में चूहों की बढ़ती संख्या ने सार्वजनिक संपत्तियों के साथ-साथ लोगों के घरों में भी भारी नुकसान पहुंचाया है। शहर के विभिन्न पार्कों, नाले-नालियों, कूड़े से भरे खाली स्थानों, सब्जी और फल मंडियों, कब्रिस्तानों और उनके आसपास के क्षेत्रों में चूहों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। इन चूहों के बिल बनाने के कारण पार्कों में बनी पटरियां धंस रही हैं, नाले-नालियों की संरचना क्षतिग्रस्त हो रही है, जिससे पानी का बहाव बाधित हो रहा है। साथ ही, ये चूहे आसपास के घरों और दुकानों में भी घुसकर सामान को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
नगर निगम की नई रणनीति: केंद्रीय भंडारण निगम की मदद से समाधान
चूहों के इस आतंक से निपटने के लिए मुरादाबाद नगर निगम ने केंद्रीय भंडारण निगम, लखनऊ के साथ मिलकर एक पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत की है। इस परियोजना के तहत, सबसे पहले वार्ड-41 में चूहों के खात्मे का काम किया जाएगा। यदि इस प्रयास के सकारात्मक परिणाम मिलते हैं और शहरवासियों से अच्छा फीडबैक मिलता है, तो इसे मुरादाबाद के सभी 70 वार्डों में लागू किया जाएगा।
वार्ड-41 में पायलट प्रोजेक्ट: तीन महीने का अभियान
वार्ड-41, जो शहर के मध्य स्थित है, को इस पायलट प्रोजेक्ट के लिए चुना गया है। इस वार्ड में चूहों के सफाए के लिए केंद्रीय भंडारण निगम को तीन महीने की अवधि के लिए ठेका दिया गया है, जिस पर नगर निगम तीन लाख रुपये खर्च करेगा। इस अभियान के तहत, चूहों के सक्रिय स्थानों पर उनके बिलों में या आसपास आटा, बेसन और केमिकल से तैयार विशेष गोलियां रखी जाती हैं। इन गोलियों को खाने के बाद, चूहों को प्यास लगती है और वे बिल से बाहर आ जाते हैं, जहां कुछ ही देर में उनकी मृत्यु हो जाती है। अगले दिन, टीम के सदस्य उन मृत चूहों को एकत्रित कर मैनाठेर स्थित पशु दाहगृह ले जाते हैं।
नगर आयुक्त की पहल: चूहों के आतंक से मुक्ति
नगर आयुक्त ने शहरवासियों को चूहों के आतंक से निजात दिलाने के लिए इस पहल की शुरुआत की है। चूहों की बढ़ती संख्या और उनके द्वारा किए जा रहे नुकसान की समस्या कई बार नगर निगम बोर्ड की बैठकों में उठाई गई थी। रोकथाम के अभाव में, चूहों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही थी, जिससे सार्वजनिक और निजी संपत्तियों को भारी नुकसान हो रहा था। इस समस्या के समाधान के लिए, नगर आयुक्त ने केंद्रीय भंडारण निगम के साथ मिलकर इस पायलट प्रोजेक्ट को शुरू किया है।
भविष्य की योजना: सभी वार्डों में विस्तार
यदि वार्ड-41 में यह पायलट प्रोजेक्ट सफल होता है और शहरवासियों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिलती है, तो नगर निगम इस व्यवस्था को मुरादाबाद के सभी 70 वार्डों में लागू करने की योजना बना रहा है। इससे शहर के विभिन्न हिस्सों में चूहों के आतंक से प्रभावित लोगों को राहत मिलेगी और सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।