केजरीवाल के शीश महल पर सीवीसी की नजर: सीपीडब्ल्यूडी को जांच के आदेश


  2025-02-17 09:09:45



 

दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के सरकारी आवास के नवीनीकरण को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) ने इस मामले में केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) को जांच के आदेश दिए हैं। आरोप है कि इस नवीनीकरण के दौरान भवन नियमों का उल्लंघन करते हुए 40,000 वर्ग गज में फैला एक भव्य शीश महल बनाया गया।

सीवीसी का हस्तक्षेप

सीवीसी ने सीपीडब्ल्यूडी को निर्देशित किया है कि वह इस नवीनीकरण परियोजना में संभावित अनियमितताओं और भवन नियमों के उल्लंघन की जांच करे। आयोग ने सीपीडब्ल्यूडी से विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है, ताकि सत्यापन के बाद उचित कार्रवाई की जा सके।

शीश महल का विवाद

विपक्षी दलों ने केजरीवाल के इस नए आवास को 'शीश महल' करार दिया है। आरोप है कि इस नवीनीकरण में सरकारी धन का दुरुपयोग करते हुए अत्यधिक खर्च किया गया और भवन नियमों की अनदेखी की गई। भव्यता और विशालता के कारण यह मुद्दा राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।

सीपीडब्ल्यूडी की भूमिका

सीपीडब्ल्यूडी, जो सरकारी भवनों के निर्माण और रखरखाव के लिए जिम्मेदार है, अब इस मामले की जांच करेगी। विभाग यह पता लगाएगा कि नवीनीकरण के दौरान किन नियमों का उल्लंघन हुआ और क्या वास्तव में सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं

इस मामले पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं। भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर टिप्पणी करते हुए कहा, "अरविंद केजरीवाल और उनकी शागिर्द दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी मार्लेना के झूठ का पर्दाफाश: 1. उन्हें घर से निकाला नहीं गया है। 2. उन्होंने कभी भी शीश महल में प्रवेश नहीं किया, जो 11 अक्टूबर 2024 को उन्हें सौंपा गया था।" 

आम आदमी पार्टी का पक्ष

आम आदमी पार्टी ने इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताते हुए खारिज किया है। पार्टी का कहना है कि यह सब भाजपा द्वारा उनकी छवि खराब करने की साजिश है। पार्टी ने यह भी दावा किया है कि नवीनीकरण सभी नियमों का पालन करते हुए किया गया है और इसमें किसी भी प्रकार की अनियमितता नहीं हुई है।

केंद्रीय सतर्कता आयोग द्वारा सीपीडब्ल्यूडी को जांच के आदेश देने से यह मामला और गंभीर हो गया है। अब सभी की नजरें इस जांच की रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो यह स्पष्ट करेगी कि नवीनीकरण के दौरान वास्तव में क्या अनियमितताएं हुईं और क्या शीश महल के निर्माण में नियमों का उल्लंघन किया गया।


global news ADglobal news AD