सीबीआई की बड़ी कार्रवाई: दिल्ली-एनसीआर और हिसार में साइबर अपराधियों पर शिकंजा
के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा 2025-02-16 22:00:27

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने साइबर अपराध के खिलाफ एक महत्वपूर्ण अभियान चलाते हुए दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा के हिसार में 11 स्थानों पर छापेमारी की। इस कार्रवाई में नकदी, विदेशी मुद्रा, सोना और डिजिटल उपकरणों सहित कई आपत्तिजनक सामग्रियां बरामद की गईं। आरोपियों पर सरकारी अधिकारियों का रूप धारण कर देश-विदेश के लोगों को धोखाधड़ी से ठगने का आरोप है।
छापेमारी का विवरण
सीबीआई ने एक चल रहे साइबर अपराध मामले के सिलसिले में दिल्ली-एनसीआर और हिसार में 11 स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान, अधिकारियों ने ₹1.08 करोड़ की नकदी, $1,000 की विदेशी मुद्रा, और 252 ग्राम सोना बरामद किया। इसके अलावा, छह लैपटॉप, आठ मोबाइल फोन, और एक आईपैड भी जब्त किए गए, जिनमें क्रिप्टो फ्रॉड और वीओआईपी-आधारित घोटालों से संबंधित डिजिटल साक्ष्य मिले हैं।
धोखाधड़ी का तरीका
आरोपियों पर आरोप है कि वे सरकारी अधिकारियों का रूप धारण कर लोगों को ठगते थे। वे फर्जी क्रिप्टोकरेंसी लेनदेन के माध्यम से भारत और विदेशों में व्यक्तियों को धोखा देते थे। इस प्रक्रिया में, वे वीओआईपी तकनीक का उपयोग करके विदेशी नागरिकों को कॉल करते थे और उन्हें विभिन्न तरीकों से ठगते थे। इससे पहले, सीबीआई ने तीन व्यक्तियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत चार्जशीट दाखिल की थी।
बरामद सामग्री
तलाशी के दौरान, अधिकारियों ने बड़ी मात्रा में नकदी, विदेशी मुद्रा, और सोना बरामद किया। इसके साथ ही, कई डिजिटल उपकरण जैसे लैपटॉप, मोबाइल फोन, और आईपैड भी जब्त किए गए, जिनमें साइबर अपराध से संबंधित महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले हैं। इन उपकरणों में क्रिप्टो फ्रॉड और वीओआईपी-आधारित घोटालों से संबंधित डेटा पाया गया है।
आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई
सीबीआई ने पहले ही तीन व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत चार्जशीट दाखिल की है। इन पर आरोप है कि वे सरकारी अधिकारियों का रूप धारण कर लोगों को ठगते थे और फर्जी क्रिप्टोकरेंसी लेनदेन के माध्यम से धोखाधड़ी करते थे। जांच अभी भी जारी है, और अन्य संदिग्धों की तलाश की जा रही है।
सीबीआई की इस कार्रवाई ने साइबर अपराधियों के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है, जो सरकारी अधिकारियों का रूप धारण कर देश-विदेश के लोगों को ठगते थे। इस सफलता से यह स्पष्ट होता है कि साइबर अपराध के खिलाफ हमारी सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं और ऐसे अपराधों को रोकने के लिए तत्पर हैं।