हनुमानगढ़ का मानस अभियान: नशे के खिलाफ जन आंदोलन की ओर बढ़ते कदम
के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा 2025-02-16 15:42:13

राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में नशे की बढ़ती समस्या को जड़ से समाप्त करने के लिए जिला प्रशासन ने मई 2024 में मानस अभियान की शुरुआत की। जिला कलेक्टर काना राम के नेतृत्व में इस अभियान का उद्देश्य नशे की लत को रोकना, जनजागरूकता बढ़ाना और नशा मुक्त समाज की स्थापना करना है।
अभियान की संरचना और कार्ययोजना
मानस अभियान को चार चरणों में विभाजित किया गया है:
जागरूकता सृजन:
स्कूलों और महाविद्यालयों में प्रत्येक माह के चौथे शनिवार को नशा मुक्ति कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। ग्राम पंचायत और शहरी वार्ड स्तर पर अवेयरनेस फोरम का गठन किया गया है, जो नशे के दुष्परिणामों के बारे में जागरूकता फैलाते हैं।
काउंसलिंग एवं उपचार:
नशे के आदी व्यक्तियों की पहचान कर उनकी काउंसलिंग की जाती है। आवश्यकता पड़ने पर उन्हें उपचार हेतु रेफर किया जाता है। सीएचसी/पीएचसी पर काउंसलिंग कैंप का आयोजन किया जाता है।
अवैध बिक्री पर नियंत्रण:
नशे की अवैध बिक्री की सूचना देने के लिए हेल्पलाइन नंबर 9530432468 और 764531201 की व्यवस्था की गई है। संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस गश्त बढ़ाई गई है और मेडिकेटेड दवाओं की बिक्री की मात्रा को नियंत्रित किया गया है।
सामुदायिक सहभागिता:
जन सहभागिता हेतु रैली, मैराथन, रथ यात्रा, नुक्कड़ नाटक आदि कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर पर खेल सुविधाओं की व्यवस्था की गई है, जिससे युवाओं को नशे से दूर रखा जा सके।
अभियान की उपलब्धियां
अभियान के तहत, ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अब तक एक लाख से अधिक जिलेवासियों ने ई-शपथ ली है, जो देश में किसी भी जिले में ऑनलाइन ली गई शपथ में सर्वाधिक है। इसके अतिरिक्त, नशा मुक्ति शिविरों का आयोजन निरंतर जारी है, जिसमें बड़ी संख्या में मरीज काउंसलिंग और उपचार के लिए आ रहे हैं।
भविष्य की दिशा
'मानस अभियान' के तहत जिला प्रशासन और आमजन के संयुक्त प्रयासों से हनुमानगढ़ में नशा मुक्ति की दिशा में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल रहा है। आशा है कि यह अभियान जन आंदोलन का रूप लेकर जिले को नशा मुक्त बनाने में सफल होगा।