सुपर कॉरिडोर में इंफोसिस की जमीन का पुनर्ग्रहण: ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से पहले सरकार की बड़ी कार्रवाई
के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा 2025-02-16 15:33:06

मध्य प्रदेश सरकार ने इंदौर के सुपर कॉरिडोर स्थित टिगरिया बादशाह और बांगड़दा क्षेत्र में इंफोसिस लिमिटेड को आवंटित 130 एकड़ भूमि में से 50 एकड़ जमीन वापस ले ली है। भोपाल से मिले निर्देशों के बाद, इंदौर के एसडीएम निधि वर्मा और तहसीलदार शैवाल सिंह ने जमीन की नपती कर प्रत्येक खसरे की विस्तृत जानकारी तैयार की है। इस कार्रवाई का उद्देश्य आगामी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025 से पहले खाली पड़ी जमीनों की सूची तैयार करना है, ताकि अन्य उद्योगों को इसका लाभ मिल सके।
लीज शर्तों का उल्लंघन और जमीन की वापसी
इंफोसिस द्वारा आवंटित भूमि का पूर्ण उपयोग न करने और लीज डीड की शर्तों का उल्लंघन करने के कारण यह जमीन वापस ली गई है। अब यह भूमि अन्य उद्योगों को पट्टे पर दी जा सकेगी। मध्य प्रदेश के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के उप सचिव के निर्देश के बाद, जिला प्रशासन ने इस जमीन की नपती कर रिपोर्ट भेजी है। मल्हारगंज एसडीएम निधि वर्मा ने नपती पूरी कर शासन को रिपोर्ट सौंप दी है।
ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025 की तैयारी
भोपाल में 24 और 25 फरवरी 2025 को ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट आयोजित होने जा रही है। इस समिट से पहले, राज्य सरकार प्रदेश में खाली पड़ी औद्योगिक भूमि की जानकारी सभी जिलों से एकत्र कर रही है, ताकि निवेशकों को आकर्षित किया जा सके। इसी कड़ी में, इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) ने सुपर कॉरिडोर पर 28 प्लॉट्स की पहचान की है, जिनका कुल क्षेत्रफल 49 हेक्टेयर है। इन प्लॉट्स के माध्यम से लगभग 11,000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों को आमंत्रित किया जाएगा।
नई उद्योग नीति और निवेश प्रोत्साहन
ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से पहले, राज्य कैबिनेट ने नई उद्योग संवर्धन नीति, निर्यात प्रोत्साहन नीति, लॉजिस्टिक नीति और फिल्म पर्यटन नीति में संशोधन को मंजूरी दी है। नई उद्योग संवर्धन नीति में निवेशकों के लिए रियायतों का प्रावधान किया गया है, जिसमें 50 से 125 करोड़ रुपये के निवेश पर 40 से 32 प्रतिशत तक की निवेश प्रोत्साहन सहायता शामिल है। इस नीति का उद्देश्य प्रदेश में निवेश को बढ़ावा देना और रोजगार के नए अवसर सृजित करना है।
उद्योगपतियों से संवाद और भविष्य की योजनाएं
इंदौर में हाल ही में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें प्रशासनिक अधिकारियों और उद्योगपतियों ने ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की तैयारियों पर चर्चा की। बैठक में निर्णय लिया गया कि निवेशकों की सहायता के लिए एक हेल्पडेस्क स्थापित की जाएगी, जहां वे अपनी समस्याएं और सुझाव सीधे प्रशासन तक पहुंचा सकेंगे। इसके अलावा, महिलाओं के लिए रोजगार के विशेष अवसर प्रदान करने पर भी जोर दिया गया।
इंफोसिस से 50 एकड़ जमीन की वापसी और नई उद्योग नीतियों का कार्यान्वयन राज्य सरकार की निवेश को बढ़ावा देने और औद्योगिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। आगामी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025 में इन प्रयासों के सकारात्मक परिणाम देखने को मिल सकते हैं, जिससे प्रदेश में आर्थिक विकास और रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी।