सीजीएसटी इंदौर का विशेष आउटरीच प्रोग्राम: बजट प्रावधानों और एमनेस्टी स्कीम पर विस्तृत चर्चा
के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा 2025-02-16 09:51:39

सीजीएसटी कमिश्नरेट इंदौर ने टैक्स प्रैक्टिशनर्स एसोसिएशन (TPA) और इंदौर सीए शाखा के सहयोग से बजट प्रावधानों और एमनेस्टी स्कीम पर एक विशेष आउटरीच प्रोग्राम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में जीएसटी अधिनियम में किए गए महत्वपूर्ण बदलावों और करदाताओं को प्रदान की गई राहतों पर विस्तृत चर्चा की गई।
जीएसटी अधिनियम में प्रमुख बदलाव
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता, जॉइंट कमिश्नर योगेश पांडुरंग उंडे ने जीएसटी अधिनियम में किए गए प्रमुख बदलावों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 1 अप्रैल 2025 से इनपुट सर्विस डिस्ट्रिब्यूटर (ISD) की व्यवस्था उन सभी करदाताओं के लिए अनिवार्य कर दी जाएगी, जिनके पास एक ही पैन पर एक से अधिक जीएसटी रजिस्ट्रेशन हैं और वे कुछ सामान्य इनपुट सेवाएं प्राप्त करते हैं। इस बदलाव का उद्देश्य कर अनुपालन में सुधार और कर चोरी की संभावनाओं को कम करना है।
ट्रैक एंड ट्रेस मैकेनिज्म का प्रावधान
योगेश पांडुरंग उंडे ने बताया कि बजट में एक नई धारा जोड़कर कुछ ऐसी वस्तुओं पर ट्रैक एंड ट्रेस मैकेनिज्म लागू करने की योजना बनाई गई है, जिन पर कर चोरी की संभावना अधिक होती है। इस नए प्रावधान के तहत सरकार को अधिकार होगा कि वह किसी भी वस्तु या व्यक्ति पर यह व्यवस्था लागू करने की अधिसूचना जारी कर सके, जिससे कर चोरी पर नियंत्रण किया जा सकेगा।
एमनेस्टी स्कीम के तहत राहत
एमनेस्टी स्कीम के बारे में जानकारी देते हुए श्री उंडे ने बताया कि वर्ष 2017 से 2020 तक के धारा 73 मामलों के संबंध में करदाताओं को राहत दी गई है। इस स्कीम का लाभ उठाने के लिए 31 मार्च 2025 तक अपनी बकाया राशि का भुगतान करना आवश्यक होगा, जिससे वे पेनल्टी और ब्याज से हमेशा के लिए मुक्त हो सकते हैं। यह स्कीम उन करदाताओं के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है, जो अपने लंबित कर मामलों का निपटारा करना चाहते हैं।
आगामी कार्यक्रमों की योजना
डिप्टी कमिश्नर श्रीमती रंजना चौधरी ने बताया कि विभाग ऐसे आउटरीच प्रोग्राम आगे भी आयोजित करता रहेगा और इसी क्रम में अगला कार्यक्रम देवास में आयोजित किया जाएगा। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य करदाताओं को नवीनतम कर प्रावधानों और नीतियों के बारे में जागरूक करना है, जिससे वे समय पर और सही तरीके से कर अनुपालन कर सकें।
टीपीए और सीए शाखा की प्रतिक्रिया
टैक्स प्रैक्टिशनर्स एसोसिएशन (TPA) के प्रेसिडेंट सीए जेपी सराफ ने बताया कि इस बार के बजट में जीएसटी से संबंधित कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं, जिनका दीर्घकालिक प्रभाव रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को एमनेस्टी स्कीम को लेकर व्यापक स्तर पर प्रचार और जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है, जिससे करदाता अधिक से अधिक इसका लाभ उठा सकें और लंबित मामलों का निपटारा हो सके।
इंदौर सीए शाखा के सेक्रेटरी सीए अमितेश जैन ने कहा कि ऐसे आउटरीच प्रोग्राम व्यापारियों के लिए अत्यधिक लाभकारी हैं। कार्यक्रम का संचालन सीए सुनील पी जैन ने किया और आभार प्रदर्शन सीए कृष्ण गर्ग ने किया। इस आयोजन में गोविंद गोयल, अविनाश अग्रवाल, सुरेश नंदवाना, निखिल जैन समेत बड़ी संख्या में टैक्स प्रैक्टिशनर्स और करदाता उपस्थित थे।
सीजीएसटी कमिश्नरेट इंदौर द्वारा आयोजित इस विशेष आउटरीच प्रोग्राम ने करदाताओं को बजट प्रावधानों और एमनेस्टी स्कीम के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। ऐसे कार्यक्रम कर अनुपालन में सुधार और करदाताओं की समस्याओं के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।