एकेटीयू के 120 करोड़ रुपये की ठगी का मास्टरमाइंड गिरफ्तार: दुबई से लौटते ही पुलिस के हत्थे चढ़ा
के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा 2025-02-16 09:46:48

लखनऊ के एपीजे अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी (एकेटीयू) में 120 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में पुलिस ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। गिरोह के प्रमुख सदस्य मोहम्मद चांद उर्फ सनी जॉनसन को साइबर क्राइम थाने की टीम ने गिरफ्तार किया है। आरोपी वारदात के बाद से दुबई में रह रहा था और हाल ही में लखनऊ लौटने पर पुलिस के हत्थे चढ़ा।
घटना का विवरण
जून 2024 में, जालसाजों के एक गिरोह ने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के शाखा प्रबंधक का फर्जी विजिटिंग कार्ड और फर्जी मेल आईडी बनाकर एकेटीयू के 120 करोड़ रुपये की एफडी के नाम पर धोखाधड़ी की थी। उन्होंने एकेटीयू की फर्जी मेल आईडी का उपयोग करके बैंक के साथ संवाद स्थापित किया और फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से 120 करोड़ रुपये अहमदाबाद के श्री श्रद्धा एजुकेशनल एंड चैरिटेबल ट्रस्ट के खाते में ट्रांसफर करा लिए थे।
आरोपी की गिरफ्तारी
साइबर क्राइम थाना प्रभारी बृजेश कुमार यादव के अनुसार, मोहम्मद चांद उर्फ सनी जॉनसन, जो फैजुल्लागंज के बाटी एन्क्लेव का निवासी है, इस धोखाधड़ी में प्रमुख भूमिका निभा रहा था। घटना के बाद वह दुबई भाग गया था। हाल ही में वह लखनऊ में अपनी संपत्ति बेचने के इरादे से वापस आया, जहां पुलिस ने उसे कुकरैल बंधे के पास से गिरफ्तार कर लिया।
ठगी की रकम का उपयोग
पूछताछ में पता चला कि ठगी के बाद चांद ने 20 लाख रुपये में एक ग्रैंड विटारा कार खरीदी थी। वह कार लेकर पुणे एयरपोर्ट गया और वहां से फ्लाइट पकड़कर दुबई चला गया। पुलिस ने उस कार को पुणे एयरपोर्ट की पार्किंग से बरामद कर लिया है।
गिरोह के अन्य सदस्य
इस मामले में पुलिस ने पहले ही 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें पटेल उदय, जोशी देवेंद्र प्रसाद, शैलेश कुमार रघुवंशी, गिरीश चंद्रा, कृष्णकांत त्रिपाठी, दस्तगीर, राजेश बाबू, अजय सुरेश भाई पटेल और अनुराग श्रीवास्तव शामिल हैं। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।
एकेटीयू के 120 करोड़ रुपये की ठगी के इस मामले में पुलिस की सक्रियता और तत्परता से एक और आरोपी की गिरफ्तारी संभव हो सकी है। इससे स्पष्ट होता है कि साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस की मुहिम लगातार जारी है और दोषियों को कानून के कटघरे में लाने के लिए वह प्रतिबद्ध है।