रणवीर इलाहाबादिया की विवादित टिप्पणी: सुप्रीम कोर्ट की शरण में यूट्यूबर, देशभर में एफआईआर का सामना
के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा 2025-02-16 07:43:53

प्रसिद्ध यूट्यूबर रणवीर इलाहाबादिया, जो 'इंडियाज गॉट लेटेंट' शो में अपनी विवादित टिप्पणी के कारण सुर्खियों में हैं, ने अब सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उनके खिलाफ देश के विभिन्न हिस्सों में कई एफआईआर दर्ज की गई हैं, जिनको एक साथ जोड़ने के लिए उन्होंने यह कदम उठाया है।
विवाद की उत्पत्ति
'इंडियाज गॉट लेटेंट' शो के एक एपिसोड में, रणवीर इलाहाबादिया ने एक प्रतिभागी से उनके माता-पिता के यौन संबंधों के बारे में आपत्तिजनक सवाल पूछा था। इस टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर भारी आक्रोश फैल गया, जिसके परिणामस्वरूप मुंबई, गुवाहाटी और इंदौर सहित कई शहरों में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।
सुप्रीम कोर्ट की शरण में रणवीर
रणवीर इलाहाबादिया ने अपने खिलाफ दर्ज इन एफआईआर को एक साथ जोड़ने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। उनके वकील, अधिवक्ता अभिनव चंद्रचूड़ ने मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना के समक्ष मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि असम पुलिस ने उन्हें तलब किया है और देशभर में कई एफआईआर दर्ज हैं। सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई के लिए तारीख निर्धारित करने की बात कही है।
समय रैना की प्रतिक्रिया
शो के होस्ट, कॉमेडियन समय रैना ने भी इस विवाद पर अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम स्टोरी पर लिखा, "जो कुछ भी हो रहा है, उसे संभालना मेरे लिए बहुत मुश्किल है। मैंने अपने चैनल से 'इंडियाज गॉट लेटेंट' के सभी वीडियो हटा दिए हैं। मेरा सिर्फ एक ही उद्देश्य रहा है और वो है लोगों को हंसाना और उन्हें अच्छा समय देना। मैं सभी एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग करूंगा ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि उनकी जांच पूरी तरह से निष्पक्ष हो। धन्यवाद।"
विवाद का विस्तार
इस विवाद के चलते समय रैना के गुजरात में होने वाले सभी शोज रद्द कर दिए गए हैं। विश्व हिंदू परिषद ने दावा किया है कि लोगों की नाराजगी के बाद यह निर्णय लिया गया है। समय रैना के ये शोज अप्रैल में सूरत, वडोदरा और अहमदाबाद में होने वाले थे।
रणवीर की माफी
विवाद बढ़ने पर रणवीर इलाहाबादिया ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर माफी मांगी। उन्होंने कहा, "मेरा कमेंट न केवल अनुचित था, बल्कि यह फनी भी नहीं था। कॉमेडी मेरी विशेषता नहीं है, मैं यहां सिर्फ माफी मांगने आया हूं। पॉडकास्ट को सभी उम्र के लोग देखते हैं। मैं ऐसा व्यक्ति नहीं बनना चाहता जो इस जिम्मेदारी को हल्के में ले। परिवार आखिरी चीज है जिसका मैं कभी अनादर करूंगा। मुझे इस प्लेटफॉर्म का बेहतर तरीके से उपयोग करने की आवश्यकता है। इस पूरे अनुभव से मैंने यही सीखा है।"
यह मामला दर्शाता है कि सार्वजनिक मंचों पर की गई टिप्पणियों का कितना व्यापक प्रभाव हो सकता है। सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को अपनी जिम्मेदारियों का एहसास होना चाहिए और उन्हें यह समझना चाहिए कि उनकी कही गई बातों का समाज पर क्या असर पड़ सकता है। वहीं दूसरी ओर ऐसी शिकायतों से यह भी स्पष्ट हो गया है कि अब जनता मनोरंजन और कॉमेडी के नाम पर अश्लीलता और फूहड़ता बर्दाश्त नहीं करेगी।