फिन्ना सिंह सिंचाई परियोजना: 50 साल बाद किसानों के सपनों को मिलेगी नई उड़ान
के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा 2025-02-15 09:18:04

फिन्ना सिंह सिंचाई परियोजना: 50 साल बाद किसानों के सपनों को मिलेगी नई उड़ान
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा में नूरपुर क्षेत्र के किसानों के लिए एक बहुप्रतीक्षित खुशखबरी आई है। लगभग पांच दशकों से लंबित फिन्ना सिंह सिंचाई परियोजना अब अपने अंतिम चरण में है, जिससे क्षेत्र के कृषि परिदृश्य में क्रांतिकारी बदलाव की उम्मीद जगी है।
परियोजना की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
वर्ष 1977 में नयाड़ी गांव के पूर्व हवलदार स्वर्गीय फिन्ना सिंह ने इस सिंचाई परियोजना का विचार प्रस्तुत किया था। ब्रिटिश काल में म्यांमार में सैन्य सेवा के दौरान उन्होंने ऐसे प्रोजेक्ट्स देखे थे, जिनसे प्रेरित होकर उन्होंने अपने क्षेत्र में सिंचाई सुविधा की आवश्यकता को महसूस किया। हालांकि, विभिन्न कारणों से यह परियोजना दशकों तक अधर में रही।
परियोजना का शिलान्यास और प्रगति
तीन मार्च 2012 को तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना का शिलान्यास किया। शुरुआत में इसकी अनुमानित लागत 204 करोड़ रुपये थी, लेकिन बजट की कमी और समय के साथ निर्माण लागत बढ़कर लगभग 646 करोड़ रुपये हो गई। प्रदेश सरकार ने अब तक अपने संसाधनों से 283 करोड़ रुपये खर्च किए हैं।
केंद्र सरकार की मंजूरी और बजट आवंटन
अगस्त 2024 में, इस परियोजना को प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY) और त्वरित सिंचाई लाभ कार्यक्रम (AIBP) में शामिल किया गया। केंद्र सरकार ने इसके लिए लगभग 284 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया, जिसमें से 67.5 करोड़ रुपये की पहली किश्त जारी कर दी गई है। इससे निर्माण कार्य में तेजी आने की उम्मीद है।
परियोजना से लाभान्वित क्षेत्र
फिन्ना सिंह सिंचाई परियोजना के पूर्ण होने पर नूरपुर क्षेत्र के सुल्याली, सदवां, लदोड़ी, ममूह, गुरचाल, ठेहड़, पंदरेहड़, मिलख, डन्नी, कोट पलाहड़ी, खज्जन और हटली जंबाला पंचायतों के लगभग 60 गांवों के किसानों को लाभ मिलेगा। यह परियोजना 4025 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा प्रदान करेगी, जिससे किसान अब बारिश पर निर्भर नहीं रहेंगे।
निर्माण कार्य की वर्तमान स्थिति
चक्की खड्ड पर लाहडू के निकट एक बांध का निर्माण हो रहा है, जहां से सुरंग के माध्यम से नूरपुर के डन्नी गांव तक पानी पहुंचाया जाएगा। अब तक लगभग 4317 मीटर लंबी सुरंग और 1750 मीटर लंबी मुख्य नहर का निर्माण पूरा हो चुका है। बांध से 1.88 मेगावाट बिजली उत्पादन का भी प्रस्ताव है।
परियोजना की अनुमानित समयसीमा
जलशक्ति विभाग, नूरपुर सर्कल के एसई विकास बक्शी के अनुसार, परियोजना के निर्माण कार्यों के लिए जल्द ही टेंडर जारी किए जाएंगे और इसे अगस्त 2026 तक पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।
किसानों की उम्मीदें और भविष्य की संभावनाएं
इस परियोजना के पूर्ण होने से क्षेत्र के किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार की उम्मीद है। सिंचाई सुविधा मिलने से फसलों की पैदावार बढ़ेगी और किसानों की आय में वृद्धि होगी। इसके साथ ही, क्षेत्र में कृषि आधारित उद्योगों के विकास की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।
लगभग पांच दशकों के इंतजार के बाद, फिन्ना सिंह सिंचाई परियोजना अब साकार होने की ओर अग्रसर है। केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से यह परियोजना नूरपुर क्षेत्र के किसानों के लिए वरदान साबित होगी, जिससे क्षेत्र की कृषि और आर्थिक स्थिति में सकारात्मक बदलाव आएगा।