यह दोनों ऑस्ट्रेलिया में एक शरणार्थी के तौर पर 10 साल की उम्र में आए थे ऑस्ट्रेलिया में रहकर इन्होंने पढ़ाई किया आस्ट्रेलिया ने रहम कर इन्हें नागरिकता दिया लेकिन यह सपोले या ऑस्ट्रेलिया के लोगों को ही मार रहे है।
के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा 2025-02-15 07:37:54

पूरे ऑस्ट्रेलिया में हड़कंप मचा है
ऑस्ट्रेलिया के सरकारी हेल्थ सिस्टम की एक अफगान मूल की मुस्लिम महिला डॉक्टर और एक सीरियन मूल का मुस्लिम मेल नर्स एक वीडियो चैट पर स्वीकार किया कि हमारे पास यदि कोई मरीज जाता है और यदि हमें पता चलता है कि यह यहूदी है या इजरायली है तो हम उसे जहर देकर मार देते हैं या हम उसे गलत दवा देते हैं
अब इस वीडियो के सामने आने के बाद पूरे ऑस्ट्रेलिया में हड़कंप मच गया यहां तक की ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथोनी अल्बनीज को संसद में बयान देना पड़ा कि मैं खुद बेहद भौचक्का और शर्मिंदा हूं कि हमारे हेल्थ सेक्टर में कैसे लोग घुस चुके हैं
अब ऑस्ट्रेलियाई लोगों की भरी मांग पर उन्हें यह आजादी दे दी गई कि वह किस धर्म के डॉक्टर से अपना इलाज करना चाहते हैं यानी अगर कोई ऑस्ट्रेलिया का व्यक्ति #मुस्लिम डॉक्टर से अपना इलाज नहीं करना चाहता है तो उसे छूट दे दी गई है क्योंकि यह घटना सामने आने के बाद वहां के लोगों ने साफ कह दिया है कि हम किसी भी मुस्लिम डॉक्टर से या मुस्लिम नर्स से अपना #इलाज नहीं करवाएंगे
और हां ऑस्ट्रेलिया में यह नफरत संघ यानी आरएसएस की वजह से नहीं फैली है ना विश्व हिंदू परिषद की वजह से फैली है ना नरेंद्र मोदी की वजह से फैली है
राहुल गांधी भारत में नफरत पर बड़ी बेशर्मी से हिंदुओं को RSS को दोषी बता देते हैं लेकिन इस घटना पर चुप है
अब इस वीडियो सामने आने के बाद ऑस्ट्रेलियाई सरकार दोनों को सेवा से हटकर पूरी जांच कर रही है कि इन्होंने कितने यहूदी मरीजों की हत्या की है या कितने यहूदी मरीजों को जानबूझकर गलत दवा दिया है
और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह दोनों ऑस्ट्रेलिया में एक शरणार्थी के तौर पर 10 साल की उम्र में आए थे ऑस्ट्रेलिया में रहकर इन्होंने पढ़ाई किया आस्ट्रेलिया ने रहम कर इन्हें नागरिकता दिया लेकिन यह सपोले या ऑस्ट्रेलिया के लोगों को ही मार रहे है।