रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता: नौसेना प्रमुख ने घरेलू उद्योगों के लिए खोले नए अवसर


के कुमार आहूजा कान्ता आहूजा  2025-02-15 07:20:21



 

बेंगलुरु में आयोजित एयरो इंडिया 2025 के दौरान नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी ने घरेलू रक्षा उद्योगों के लिए स्वदेशी समाधान विकसित करने पर जोर देते हुए महत्वपूर्ण बयान दिए। उन्होंने कहा कि समुद्री हवाई क्षेत्र में हमारी क्षमताएं उल्लेखनीय रूप से बढ़ी हैं, और अब समय है कि घरेलू उद्योग नौसेना के साथ मिलकर स्वदेशी समाधान विकसित करें।

घरेलू उद्योगों के लिए स्वदेशीकरण का आह्वान:

एडमिरल त्रिपाठी ने घरेलू उद्योगों को नौसेना के साथ मिलकर स्वदेशी समाधान विकसित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, "हमारा ध्यान स्वदेशीकरण और नवाचार पर है, और हम घरेलू उद्योगों के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।" उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि नौसेना घरेलू उद्योगों को समर्थन देने और उनकी औद्योगिक क्षमताओं के विकास के लिए आवश्यक माहौल बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

रक्षा उत्पादन में भारत की उपलब्धियां:

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एयरो इंडिया 2025 के उद्घाटन के दौरान बताया कि भारत का रक्षा उत्पादन 1.27 लाख करोड़ रुपये के स्तर को पार कर चुका है, जिसमें निजी क्षेत्र की 20% से अधिक भागीदारी है। रक्षा निर्यात भी 21,000 करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है, जिसमें 60% से अधिक योगदान निजी क्षेत्र का है। सरकार का लक्ष्य 2029 तक स्वदेशी रक्षा उत्पादन को 3 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाना और 50,000 करोड़ रुपये से अधिक का निर्यात करना है। 

रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम:

सरकार ने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण पहल की हैं। रक्षा उत्पादन और निर्यात संवर्धन नीति 2020 (DPEPP) के तहत स्वदेशीकरण को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके अलावा, रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने 25 उद्योगों के साथ 30 प्रौद्योगिकी हस्तांतरण समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं, जिससे स्थानीय विनिर्माण को मजबूती मिल रही है। 

नौसेना की प्रतिबद्धता:

नौसेना प्रमुख ने कहा कि उद्योग के साथ नौसेना का जुड़ाव केवल क्षमता अधिग्रहण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह साझेदारी पर भी आधारित है। उन्होंने कहा, "हमारी साझेदारी का उद्देश्य स्वदेशी समाधानों को बढ़ावा देना और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ना है।" उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि हालिया वैश्विक संघर्षों ने मजबूत घरेलू रक्षा उद्योग की आवश्यकता को उजागर किया है।

नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी के वक्तव्य से स्पष्ट है कि भारत के रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से कदम बढ़ाए जा रहे हैं। घरेलू उद्योगों के लिए यह एक सुनहरा अवसर है कि वे नौसेना के साथ मिलकर स्वदेशी समाधान विकसित करें और देश की रक्षा क्षमताओं को और मजबूत करें।


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